एसडीएम रामजीवन ने ड्रेनेज खंड के एक्सईएन के साथ बुधवार को राप्ती नदी पर बने करमैनी- बेलौली तटबंध का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बढ़या ठाठर, बेलौली समेत कई संवेदनशील स्थलों पर बचाव कार्य करने व तटबंध का निरीक्षण करते रहने का निर्देश दिया है। बेलौली का वायरलेस टावर चालू कर दिया गया है।
अब नदी के जलस्तर में बदलाव होने व तटबंध के वस्तुगत परिस्थिति की सूचना समय से मिलती रहेगी। 19.2 किलोमीटर लंबाई वाले करमैनी-बेलौली तटबंध की सुरक्षा के लिए रामखेलावन, वीरेन्द्र यादव, मनोज तिपाठी, रामजनक, नरेंद्र प्रताप सिंह, जयहिन्द भारती और रामखेलावन समेत अवर अभियंता कार्यरत है। बेलौली निवासी मधुसूदन तिवारी, उमेश तिवारी, मारकंडेय तिवारी, घूरापाली के अनिल निषाद, रामसूरत, छपिया अगंद निवासी अजय तिवारी, बसंत तिवारी, थरौली के दीपचंद्र शर्मा, नगपुर के दूधनाथ तिवारी, कृपाशंकर यादव, रामलौटभारती, पचनेऊरी के अजय पांडेय ने कहा कि इस समय नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव हो रहा है।
यदि यही रफ्तार रही तो बेलौली, जोरवां, बिशुनपुर, नौंगों, डुमरियाबाबू, बढ़या, बानडूमर, खैरामाता आदि गांवों के पास पानी का दबाव तटबंध पर बढ़ेगा। बांध की सुरक्षा के समुचित उपाय पर ही 8753 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसल टिकी है।