किसान कल्याण केंद्र को बने दो साल हुए पर नहीं शुरू हुआ कार्य
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संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। धनघटा में करोड़ों रुपये की लागत से किसान कल्याण केंद्र भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हुए दो वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो गया। लेकिन, कृषि विभाग अब तक इस केंद्र में प्रवेश नहीं कर नहीं पाया है। किसानों को एक ही स्थान पर खाद, बीज और कृषि रक्षा रसायन समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से इसका निर्माण किया गया है।
क्षेत्र के किसान रबी और खरीफ की फसल के साथ सब्जी और फल की खेती करते हैं। उन्हें खाद, बीज और फसल में डालने के लिए गुणवत्तापूर्ण दवाइयों के लिए भटकना पड़ता है। यही नहीं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए हैंसर ब्लॉक से लगायत जिला मुख्यालय तक दौड़-भाग करनी पड़ती है। किसानों को दौड़-भाग न करनी पड़े और एक ही छत के नीचे उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएं, इस उद्देश्य के साथ धनघटा में कृषि कल्याण केंद्र भवन का निर्माण 2020 में किया गया। निर्माण कार्य पूर्ण होने के दो वर्ष बाद भी अब तक इस भवन से किसानों को कृषि संबंधित कोई सुविधा नहीं मिल पाई। यहां तक कि कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी भवन में प्रवेश ही नहीं किए। इसके कारण सरकारी मंशा का लाभ यहां के किसानों को नहीं मिल पा रहा है।
किसान कल्याण केंद्र में एक मीटिंग हॉल, चार कमरे, बाथरूम व शौचालय का भी निर्माण कराया गया है। इसके अलावा गोदाम भी बनाया गया है। इसमें खाद, बीज और कृषि रक्षा रसायन का भंडारण किया जाना है।
इस केंद्र का निर्माण धनघटा में इस उद्देश्य के साथ कराया गया कि इसका लाभ हैंसर बाजार और पौली ब्लाॅक के किसानों को आसानी से मिल सके। लेकिन अब तक दोनों ब्लॉकों में कृषि विभाग का कार्य ब्लॉक परिसर से ही संचालित किया जा रहा है। इससे करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया यह भवन बेमतलब साबित हो रहा है।
किसान पंडित कैलाश नाथ मिश्र, रामकेश यादव, गुलाम हैदर, पप्पू चौधरी, रामचंद्र, जगदीश पांडेय आदि का कहना है कि कृषि विभाग का गोदाम पहले धनघटा में हुआ करता था। उसके बाद यहां से हैंसर बाजार चला गया। अब जब धनघटा में कृषि कल्याण केंद्र भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है तो पता नहीं क्यों कृषि विभाग के लोग यहां से काम का संचालित नहीं कर रहे हैं। इसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सभी किसान सरकारी कृषि बीज भंडार हैंसर बाजार और पौली में नहीं पहुंच पाते हैं। मजबूर होकर वह प्राइवेट दुकानदारों से खाद और बीज खरीदते हैं।
इस संबंध में कृषि विभाग के एडीओ एजी रामललन मिश्रा का कहना है कि किसान कल्याण केंद्र भवन धनघटा में कृषि विभाग का कार्य संचालित होना है। उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद वहां से काम-काज शुरू कर दिया जाएगा।