खाद्य एवं रसद उचित दर विक्रेता उपभोक्ता कल्याण समिति की बैठक गुरुवार को इंडस्ट्रियल एरिया खलीलाबाद जिलाध्यक्ष रमेशचंद्र की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सरकार द्वारा मिट्टी के तेल में कटौती किए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया गया। बैठक के बाद कोटेदारों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्यामदेव यादव ने कहा कि यह जनपद पिछड़े व बाढ़ग्रस्त जिले के रूप में जाना जाता है। जिला चारों ओर से नदियों से घिरा हुआ है। पिछड़े इलाके के अधिकांश गांवों में विद्युत पोल ही नहीं है। जहां पोल लगे हैं वहां बिजली की कटौती के कारण लोगों को परेशानी होती है। खासकर रात के समय लोगों को अंधेरे में गुजारना पड़ता है। इसके बाद भी बड़े पैमाने पर मिट्टी के तेल के आवंटन में कटौती कर दी गई है।
पूर्व में जिले को 888 किलोलीटर आवंटन था, जो घटाकर अब 588 किलोलीटर कर दिया गया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को मिट्टी का तेल मिलने में परेशानी खड़ी होगी। ग्रामीणों को मिट्टी के तेल के अभाव में रात अंधेरे में गुजारनी पड़ेगी। कोटेदारों ने मांग किया कि जो कोटा पूर्व में निर्धारित किया गया था, उसे बहाल किया जाए।
इस संबंध में उचित दर विक्रेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। बैठक में राजेंद्र लाल, राघवेंद्र सिंह, मुखराज, साधू शरण भट्ट, शाकिर अली, रघुनाथ यादव, माजिद अली, मोहम्मद सईद, राजेंद्र सिंह, राम प्रसाद यादव, छेदी प्रसाद, दूधनाथ यादव, प्रदीप कन्नौजिया, कपिलदेव सिंह, बलदाऊ सिंह, रणविजय सिंह, सलाहुद्दीन, नागेंद्र चौधरी, प्रेम नरायन, ब्रह्मदेव, मोहम्मद हनीफ, दुर्गेश सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।