सिद्धार्थनगर। जिले की पहचान बने काला नमक चावल को नई ऊंचाई देने की दिशा में प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में काला नमक बोर्ड की बैठक में उत्पादन बढ़ाने से लेकर ब्रांडिंग और मार्केटिंग तक एक समग्र रणनीति पर सहमति बनी। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह भी मौजूद रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि काला नमक चावल सिर्फ एक फसल नहीं बल्कि जिले की ब्रांड पहचान है। इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए हर स्तर पर मजबूत काम करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और जरूरी संसाधन समय से उपलब्ध कराए जाएं ताकि उत्पादन में तेजी लाई जा सके।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस करते हुए बैठक में प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की कड़ी को मजबूत बनाने का रोडमैप तैयार किया गया। प्रशासन का मानना है कि अगर काला नमक चावल को बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ बाजार में उतारा जाए तो इसकी मांग और कीमत दोनों बढ़ सकती हैं। इसके लिए निजी निवेश और संस्थागत सहयोग को भी बढ़ावा देने की बात सामने आई।
बैठक में विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया, ताकि उत्पादन से लेकर बिक्री तक एक मजबूत और सुचारु व्यवस्था विकसित हो सके। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि इस बार इन्हें जमीन पर उतारने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाएगी। संवाद