केंद्रीय मंत्री ने बृहस्पतिवार को संत कबीर की परिनिर्वाण स्थली कबीरचौरा(मगहर) के विकास के लिए 24.12 करोड़ रुपये की 20 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
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केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि संत कबीर के विचार आज के आधुनिक समय में भी पूरे विश्व में प्रासंगिक हैं। उनकी परिनिर्वाण स्थली मगहर गंगा-जमुनी संस्कृति की मिशाल है। समाज को तोड़ने वाले कभी भी कबीर के समर्थक नहीं हो सकते। कबीरचौरा में पर्यटन को दृष्टिगत रखते हुए विकास कार्य कराए जा रहे हैं। समाज में समरसता के लिए संत कबीर पर और भी शोध की आवश्यकता है। अभी यहां विकास की प्रक्रिया शुरू हुई है, समय-समय पर और भी विकास कार्य कराए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री बृहस्पतिवार को संत कबीर की परिनिर्वाण स्थली कबीरचौरा(मगहर) के विकास के लिए 24.12 करोड़ रुपये की 20 परियोजनाओं के शिलान्यास के बाद आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को आज मूर्त रूप दिया जा रहा है। नोटबंदी पर कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी कर आतंकवाद, नक्सलवाद और कालेधन वालों पर कड़ा प्रहार किया है। आम जनता इस निर्णय के साथ है। उन्होंने कहा कि लाइन में लगने वाले लोग भले ही कुछ दिनों के लिए परेशान हुए, लेकिन भविष्य में नोटबंदी आम लोगों के लिए एक नया सवेरा लेकर आएगी। तामेश्वरनाथ धाम और वाराणसी के लहरतारा में भी विकास के कार्य कराए जाएंगे।
खलीलाबाद के सांसद शरद त्रिपाठी ने कहा कि मगहर के विकास की अर्जी केंद्र सरकार ने स्वीकार कर ली है। विकास योजनाओं के पूरा होने के बाद कबीरचौरा पूरे विश्व के मानचित्र पर अमिट छाप छोड़ेगा। लहुरादेवा व तामेश्वरनाथ का विकास भी कराया जाएगा। रोजगार की दिशा में भी कदम उठाया गया है। कतर की एक कंपनी यहां पर आकर एक हजार लोगों को प्रशिक्षित करेगी और विदेशों में रोजगार मुहैया कराएगी। इसके लिए जल्द ही पासपोर्ट मेला भी लगाया जाएगा।
संत मधु परमहंस ने कहा कि संत कबीर जैसा संत पूरे विश्व में नहीं है। कबीर स्थलीय मानवता का सबसे बड़ा संगम है। उन्होंने कबीर की जयंती पर एक दिन का अवकाश घोषित करने की मांग की। इससे पूर्व कबीर स्थली पहुंचकर केंद्रीय मंत्री ने कबीर की समाधि व मजार पर मत्था टेका।