मगहर। कबीर चौरा परिसर मगहर में लगे खिचड़ी के मेले में रविवार से भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कबीर की समाधि पर श्रद्धालुओं ने खिचड़ी चढ़ाई। समाधि और मजार पर दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा। बाद में मेले का लुत्फ भी उठाया। मेले में मौत का कुंआ, झूला और काला जादू आकर्षण का केंद्र बन गया है।
मेले में पहुंची महिलाओं ने जहां खजला, घरेलू सामान की खरीदारी करती दिखी, वहीं बच्चों ने खिलौने खरीदे। झूले की ओर देख उस पर बैठने के लिए बच्चे अभिभावकों से जिद करते देखे गए। मेले का सबसे बड़ा आकर्षण ड्रैगन झूला, चकरी झूला, बड़ा झूला, मिक्की माउस और मौत का कुआं रहा। बच्चे जहां ड्रैगन झूला, मिक्की माउस में मौज मस्ती करते दिखे, वहीं मौत के कुएं में करतब दिखाते कलाकारों का हुनर देखने के लिए लोगों की लंबी लाइनें लगी रहीं। काला जादू भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। मेले का लुत्फ उठाने में हर कोई मशगूल दिखा। सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी भ्रमणशील दिखे। महंत विचारदास ने कहा कि यह परंपरागत मेला सद्गुरु कबीर की 500वीं निर्वाण दिवस 27 से लेकर तीन फरवरी तक चलने वाले मगहर महोत्सव की समाप्ति तक अनवरत चलता रहेगा। कहा कि सद्गुरु कबीर की वाणी आज पूरे विश्व में प्रासंगिक हैं। उन्होंने समतामूलक समाज की पैरवी की। सद्गुरु कबीर ने मानव सेवा को सबसे बड़ी सेवा माना हैं। आज हमारे मुल्क ही नहीं पूरे विश्व को कबीर की जरूरत हैं। उनकी वाणी को आत्मसात कर विश्व में शांति, आपसी सौहार्द, प्रेम को लाया जा सकता हैं।