लोकार्पण हुए गुजर गए चार माह, हैंडओवर नहीं हो पाई कबीर अकादमी
संतकबीरनगर। सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में कबीर अकादमी बनकर तैयार है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चार माह पहले कबीर अकादमी का लोकार्पण किया था, लेकिन अब तक कबीर अकादमी हैंडओवर नहीं हो पाई है।
पूर्व सांसद स्वर्गीय शरद त्रिपाठी की पहल पर वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मगहर कबीर चौरा आए थे। प्रधानमंत्री ने कबीर अकादमी समेत विकास की विभिन्न परियोजनाओं की आधार शिला रखी थी। केंद्र और राज्य सरकार की ओर यहां विकास के विभिन्न कार्य कराए गए।
पर्यटन विकास के कार्य कराने के पीछे शासन की मंशा है कि यहां अधिक से अधिक संख्या में पर्यटक आएं। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधिशाषी अभियंता सुमित कुमार ने बताया कि 23.59 करोड़ रुपये की लागत से कबीर अकादमी का निर्माण कार्य कराया गया है। टाइप वन व फोर के आवास में फिनिशिंग का कुछ कार्य शेष है। चहारदीवारी बनाया जाएगा। इसके लिए करीब सात करोड़ रुपये की मांग की गई है।
कबीर अकादमी के हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जबकि सहायक पर्यटन अधिकारी विकास नारायण बताते हैं कि कार्यदायी संस्था वाप्कोस के जरिए लाइट एंड साउंड शो, इंटर पेटेशन सेंटर, कैफिटेरिया, बोटिंग व दुकानों का हैंडओवर हो चुका है। कबीर अकादमी के भवनों के हस्तांतरण का निर्णय निदेशक कबीर शोध संस्थान/ निदेशक संस्कृति के स्तर से की जानी है।
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हस्तांतरण और संचालन पर किया गया मंथन
डीएम के निर्देश पर 11 अक्तूबर को जिला अर्थ संख्याधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह, प्रभारी ईओ नवीन श्रीवास्तव, सहायक पर्यटन अधिकारी विकास नारायण, परियोजना समन्वयक वाप्कोस लिमिटेड संदीप शर्मा, सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. कृष्ण मोहन दूबे और अवर अभियंता उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने संयुक्त रूप से मगहर में बैठक कर विकास योजनाओं के हस्तांतरण और संचालन पर चर्चा की थी। जिला अर्थ संख्याधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि बैठक में कहा गया कि व्यहारिक होगा कि पर्यटन विभाग की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत सृजित परिसंपत्तियों यथा प्रदर्शनी हॉल, प्रदर्शन दीर्घा, कैफिटेरिया, दुकानों, बोटिंग सुविधा, ध्वनि और प्रकाश प्रदर्शन, अन्य विद्युत उपकरणों एवं शौचालय ब्लॉकों पर उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग का स्वामित्व यथावत रखते हुए परिसंपत्तियों के रखरखाव एवं संचालन का कार्य नगर पंचायत मगहर से कराया जाए। इस संबंध में प्रस्ताव नगर पंचायत मगहर की सहमति पत्र के साथ डीएम के स्तर से पर्यटन निदेशालय को प्रेषित किया जाना है।
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कोट
शासन की ओर से कबीर स्थली पर विकास के विभिन्न कार्य कराए गए हैं। इस स्थल को और आकर्षक बनाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। कबीर चौरा परिसर के जल निकासी, सुंदरीकरण एवं प्रकाश व्यवस्था के लिए 26 करोड़ का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा चुका है। कबीर अकादमी को हैंडओवर कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
-प्रेम रंजन सिंह, डीएम