जिला अस्पताल में बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण करते चिकित्सक-संवाद
संतकबीरनगर। जंक फूड के अधिक सेवन व असंतुलित आहार लेने से शहरी बच्चे भी एनीमिया के शिकार हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के 10 से 12 वर्ष के बच्चों में हीमोग्लोबिन आठ ग्राम से भी कम मिल रही है। इसमें ज्यादातर बच्चियां शामिल हैं। चिकित्सक इससे बचाव के बारे में बताने के साथ ही दवा आदि दे रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना इस तरह के 10 से 15 मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 1200 मरीजों ने पर्चा कटवाया। बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में 170 बच्चों का इलाज हुआ। इसमें से एनीमिया से संबंधित 15 बच्चे शामिल रहे जो 10 से 12 वर्ष के बीच के थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि बच्चों व किशोरावस्था में एनीमिया की प्रमुख वजह संतुलित आहार कम और जंक फूड का अत्यधिक सेवन है। इसकी वजह से खेलने-कूदने की उम्र में बच्चे थकान व सांस फूलने की दिक्कत से जूझ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि एनीमिया से पीड़ित 30 फीसदी बच्चों में भूख कम लगने की शिकायत मिली है। सांस फूलने, खांसी, उल्टी, पेट दर्द, हड्डियों में दर्द की दिक्कत भी सामने आ रही हैं। बच्चों के खानपान में जंक फूड का अधिक सेवन एनीमिया का कारण है। उन्होंने बताया कि एनीमिया में लाल रक्त कोशिका और हीमोग्लोबिन की कमी होती है, जो ऊतकों तक ऑक्सीजन ले जाने के लिए जरूरी है।