विकास खंड के ग्राम पंचायत गोबडौरी में पोखरे की खुदाई शुक्रवार की रात में जेसीबी से कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है । ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने विकास खंड अधिकारी सांथा को जांच करने का आदेश दिया। मौके पर जांच करने पहुंचे खंड विकास अधिकारी ने जेसीबी से रात में पोखरे की खुदाई कराने की शिकायत को सही पाया। साथ ही मनरेगा से कराए गए जेसीबी के कार्य को श्रम दान घोषित करने के लिए डीएम को पत्र लिखकर सिफारिश की ।
ग्राम पंचायत गोबडौरी में गांव के पश्चिम पोखरे की खुदाई एवं घेराबंदी तथा वृक्षारोपण कराने के लिए अनुमानित लागत करीब सात लाख की कार्ययोजना बनवाकर ब्लॉक से स्वीकृत कराया गया। शुक्रवार की रात में जेसेबी से पोखरे की खुदाई कराया जा रहा था इतने में मामले की जानकारी होते ही ग्रामीणों ने डीएम को दे दी। डीएम ने बीडीओ को जांच करने कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। बीडीओ ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर जांच की तो मामला सही पाया। बीडीओ के के मिश्रा ने बताया कि तकनीकी सहायक रामबेलास एवं महेंद्र नाथ राय के साथ जांच की। पोखरे पर जेसीबी से कार्य कराए जाने का चिह्न पाया गया। साक्ष्य के रुप में ग्राम रोजगार सेवक के जरिए दिए गए बयान एवं जेसीबी से कार्य कराए जाते समय का फोटो ग्राफ मिला है। ग्राम पंचायत अधिकारी शिवकुमार त्रिपाठी के जरिए इस परियोजना पर मशीन का प्रयोग किए जाने के कारण श्रमदान घोषित किए जाने की मांग की गई। कार्यालय से मनरेगा योजना के अंतर्गत पोखरे की खुदाई कार्य की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई थी,परंतु रोजगार सेवक मांग पत्र के अधूरे होने के कारण इस परियोजना पर कोई मस्टर रोल कार्यालय के द्वारा निर्गत नहीं किया गया था। परियोजना गोबडौरी गांव के पश्विम पोखरे की खुदाई कार्य श्रमदान घोषित करते हुए डीएम को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट प्रेषित कर दी है।