धनघटा। जनसमस्याओं का निस्तारण गांव में ही हो सके, इस उद्देश्य के साथ प्रत्येक शुक्रवार को गांव में चौपाल लगाई जाती है, लेकिन चौपाल के संबंध में गांव के लोगों जानकारी ही नहीं हो पाती है। इसके कारण चौपाल में फरियादी फरियाद करने से वंचित रह जा रहे हैं, और जिम्मेदार खानापूर्ति करके लौट जा रहे हैं।
शुक्रवार को विकास खंड हैंसर बाजार के ग्राम पंचायत बसवारी गांव और कनैला में चौपाल लगाई गई। बसवारी गांव में 14 और कनैला में 17 लोग चौपाल में पहुंचे, जिसमें बसवारी गांव में राम दरस, झिनक, विजय कुमार साहनी, फूलचंद समेत आठ लोगों ने प्रार्थना पत्र देकर किसान सम्मान निधि न मिलने की शिकायत की। मौके पर मौजूद कृषि विभाग के अफसरों ने दो लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया। ग्रामीण हरिराम, रामधन, राजाराम, रघुवर ने बताया कि ग्राम पंचायत में समस्या के समाधान के लिए चौपाल का आयोजन किए जाने की जानकारी गांव के अधिकतर लोगों को नहीं हो पाई। इसके कारण तमाम लोग चौपाल में नहीं पहुंच सके।
गांव वालों का कहना है कि चौपाल के आयोजन की जानकारी यदि समय से गांव के सभी लोगों को हो गई होती तो अपनी समस्याओं को लेकर ब्लॉक और तहसील का चक्कर काटने वाले लोग गांव में ही चौपाल में पहुंचकर अपनी बात सबके समक्ष रखते। इसी तरह कनैला में आयोजित चौपाल में भी जानकारी न होने की वजह से गांव के अधिकतर लोग भाग नहीं ले सके। इसके कारण सात लोगों ने ही प्रार्थना पत्र दिया। इस संबंध में चौपाल के प्रभारी रहे एडीओ आईएसबी अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि जिस गांव में चौपाल का आयोजन किया जाना है, उस गांव के लोगों को सूचित करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधान को दी गई है। यह सच है कि चौपाल के आयोजित होने की जानकारी गांव के सभी लोगों को समय से नहीं हो पा रही है। इसके कारण चौपाल में लोगों की उपस्थिति कम हो रही है। गांव के लोगों को सूचित करने में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।