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Sant Kabir Nagar News: विसरा की रिपोर्ट में देरी से पुलिस की जांच में ब्रेक

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संतकबीरनगर। संदिग्ध मौतों की वजह को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जाते हैं। सभी की निगाह पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर होती है। दरअसल जिन मामलों मेंं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह का पता नहीं चलता है, उसकी रिपोर्ट विसरा सुरक्षित कर दी जाती है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला से जांच होकर बिसरा की रिपोर्ट समय से पुलिस तक नहीं आती है, और पुलिस की जांच में ब्रेक लग जाता है। एक साल के भीतर ऐसे 15 से अधिक मामले हैं, जिनकी मौत का राज बोतलों में कैद है।
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गोरखपुर के सहजनवा क्षेत्र के भीटीरावत निवासी घनश्याम (32) पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र की नौ अप्रैल 2022 को संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने हत्या कर शव छिपाने की कोशिश का केस दर्ज किया था। नौ अप्रैल 2022 को ही पुलिस ने विसरा रिपोर्ट को विधि विज्ञान प्रयोगशाला को भेज दिया था। एक साल से अधिक का समय गुजर गया, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई। इसकी वजह से पुलिस की जांच ठप पड़ी है।
वर्ष 2022 में ही मगहर के शेरपुर मोहल्ला निवासी सादिक अली की संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। इस मामले में भी हत्या कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश में केस दर्ज है। पुलिस ने 20 अगस्त 2022 को ही रिपोर्ट विसरा जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया है।
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मेंहदावल क्षेत्र के तुलसीपुर निवासी सुभाष पुत्र पुल्लुर की संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। कोर्ट के आदेश पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज है। 19 जुलाई 2022 को विसरा की रिपोर्ट विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी गई थी, लेकिन अभी तक विसरा की रिपोर्ट नहीं आई है। धनघटा क्षेत्र के सोनडीह निवासी दिवाकर पुत्र रामरूप का संदिग्ध हालत में शव मिला था। इस मामले में भी गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं था। एक अगस्त 2022 को ही विसरा रिपोर्ट जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया, अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
धनघटा क्षेत्र के तेजपुर में नवजात का शव मिला था। दस अक्तूबर 2022 को विसरा की रिपोर्ट विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी गई थी, लेकिन रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। धनघटा क्षेत्र के सोनाडी निवासी राजवीर पुत्र लक्ष्मण की संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। इस मामले में भी दुर्घटना का मुकदमा दर्ज है। विसरा की रिपोर्ट नहीं आने से मौत के राज का पता नहीं चल पाया। धनघटा क्षेत्र में ही सनोहर पत्नी गिरधारी निवासी कटया बाजार बेलघाट की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। इस मामले में भी दहेज हत्या का केस दर्ज है। बिसरा की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
कोतवाली क्षेत्र में 31 जनवरी 2022 को आठ वर्षीय अज्ञात बालक का शव मिला था। 12 जनवरी 2022 को 45 वर्षीय अज्ञात महिला का शव मिला था। 16 मई 2022 को कुसम्हा माफी में राम नरेश का शव मिला था। मेंहदावल क्षेत्र के तुलसीपुर में एक दिन के नवजात का शव मिला था। इन सभी मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने से रिपोर्ट विसरा सुरक्षित था। पुलिस ने रिपोर्ट को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया था, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है, जिसकी वजह इन सभी के मौत का राज बोतल में बंद है, और पुलिस की जांच ठप पड़ी है।
वर्ष 2022 में ही मेंहदावल में एक नवजात का शव मिला था। इसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। संवाद -
यह होता है विसरा
मेडिकल टर्म में विसरा पोस्टमार्टम के दौरान एकत्र किए जाने वाला बायो सैंपल को कहते हैं। सरल शब्दों में कहा जाए तो फेफड़ा, किड़नी, आंत, हृदय, मस्तिष्क जैसे मानव शरीर के अंदरूनी अंगों के नमूनों के संकलन हो विसरा कहते हैं। नियमानुसार पुलिस विवेचना के दौरान मौत की जांच के लिए विसरा नमूने को प्रयोगशाला भेजना चाहिए, मगर ऐसा नहीं हो पाता है, जिस वजह से यह पोस्टमार्टम हाऊस में बंद पड़े होते है। अपर सीएमओ डॉक्टर मोहन झा ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है, अगर ऐसा है तो इसको दिखवा कर जल्द से जल्द जांच कराई जाएगी। जांच कराने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
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बिसरा रिपोर्ट आने की कोई समय सीमा तय नहीं है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में अधिक संख्या में विसरा रिपोर्ट जांच के लिए पहुंचती है, जिसकी वजह से जांच में देरी होती है। वैसे रिमाइंडर पत्र भेजकर रिपोर्ट जल्द मंगाए जाने की कोशिश की जाएगी, ताकि लंबित मामलों की जांच आगे बढ़ सके, और समय से पूर्ण की जा सके।
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-सत्यजीत गुप्ता, एसपी
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