अधिकतम तापमान 25 तो न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया
पछुआ हवा चलने से लोग रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शनिवार को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। साथ ही हवा चलती रही है। शाम को हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे लोगों को ठंड का अहसास हुआ। शनिवार को अधिकतम तापमान 25 तो न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। साथ ही पछुआ हवा चलती रही। यह सिलसिला दिनभर बना रहा। शाम होने पर हल्की बूंदाबांदी हुई। ठंड बढ़ने से लोगों को ऊनी कपड़े पहनने पड़े।
दूसरी तरफ बूंदाबांदी के चलते गेहूं की फसल को लाभ पहुंचने की उम्मीद है, जबकि सरसों की फसल को नुकसान होने की संभावना है। किसान श्रवण कुमार, दशरथ यादव आदि ने कहा कि अभी गेहूं की फसल में बाली आई है। हल्की बूंदाबांदी से फसल के सिंचाई से राहत मिल गई है। फसल का विकास भी तेजी से होने की संभावना है। किसानोें ने कहा कि सरसों की फसल पक गई है। लोग सरसों की कटाई में जुटे हैं। हल्की बूंदाबांदी हुई है, इससे ज्यादा नुकसान नहीं है, लेकिन यदि बारिश तेज हो गई तो फसल को नुकसान होगा।
जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि बारिश तेज नहीं हुई है। ऐसे में फसल को नुकसान की संभावना नहीं है। गेहूं की फसल को इससे लाभ होगा।
बारिश हुई तो गेहूं की फसल को हो सकता है नुकसान
धनघटा। शनिवार को हुई बूंदाबांदी को देख किसानों के होश उड़ गए। किसानों का कहना है कि अगर तेज बारिश हुई तो गेहूं की बाली काली हो सकती है। जिससे पैदावार भी प्रभावित होना तय है। किसान रामकेश, रामसरीक, कैलाश नाथ मिश्र, परशुराम चौधरी, लालचंद, बाबूलाल, जगदेव आदि का कहना है कि बारिश तेज हुई और हवा चली तो गेहूं की फसल जमीन पकड़ सकती है। पक रहे गेहूं के बाली में कालापन भी आ सकता है। यदि ऐसा हुआ तो गेहूं की फसल इस साल जितनी अच्छी थी उतनी ही खराब हो जाएगी। बारिश से सरसों, आलू, टमाटर, मटर, चना आदि फसलों का भी नुकसान होगा। इस संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र बगही के अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि जिन किसानों के खेतों में गेहूं की फसल से बाली नहीं निकली है उनके लिए बारिश फायदेमंद हो सकती है। लेकिन जिन फसल में बाली आ गई है और पकने लगी हैं, उसे नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है।