जिला अस्पताल में बच्चे के दांत की जांच करते चिकित्सक-संवाद
संतकबीरनगर। टॉफी और चॉकलेट का सेवन बच्चों को नुकसान पहुंचा रहा है। अक्सर परिजन बाहर से लौटते समय बच्चों के लिए इन मीठे उपहारों को लाना प्यार जताने का तरीका समझते हैं, लेकिन यही प्यार उनके दांतों के लिए समस्या बन रहा है। दंत चिकित्सक डाॅ. शाकिर आलम खान का कहना है कि मीठे के अधिक सेवन से मुंह में बैक्टीरिया तेजी से पनप रहे रहे हैं, जिससे बच्चों में कैविटी और दांतों में दर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं।
जिला अस्पताल के दंत कक्ष में हर दिन दो से चार बच्चे दांतों की तकलीफ लेकर पहुंच रहे हैं, जिनमें से अधिकतर मामले टॉफी-चॉकलेट के अत्यधिक सेवन से जुड़े हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, मीठा खाने के बाद दांतों में चिपकने वाले अवशेष और ब्रश न करने की आदत सफाई में बाधा डालती है। इससे बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिलता है। अधिक मीठा खाने से मुंह में एसिड बनता है, जो दांतों के लिए जरूरी कैल्शियम और अन्य तत्वों के अवशोषण को रोकता है।
इसके अलावा पानी में फ्लोराइड की अनियमित मात्रा और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन भी दांतों को नुकसान पहुंचा रहा है। दंत चिकित्सक डाॅ. शाकिर आलम खान कहते हैं कि यह चलन खतरनाक होता जा रहा है। बच्चों को ऐसी चीजें देने से बचें जो दांतों से चिपकें। अगर दें भी, तो तुरंत दांतों की सफाई का ध्यान रखें।
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बचाव के उपाय
- दांतों की नियमित रूप से सफाई करें
- बच्चों को टॉफी और चॉकलेट कम दें
- मसूड़ों को साफ रखें
- सुबह-शाम ब्रश करने की आदत डालें
- दांतों में कोई समस्या दिखते ही चिकित्सक से सलाह लें