धनघटा। नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा में पहली बार होने जा रहा निकाय चुनाव मुद्दा विहीन होता दिखने लगा है। जनता की समस्याओं पर न तो प्रत्याशी बात करने को तैयार हैं और न ही जनता समस्याओं की तरफ प्रत्याशियों का ध्यान आकर्षित कर रही है। मुद्दा विहीन हो रहे चुनाव का परिणाम आने के बाद नायक कौन होगा यह बात भविष्य के गर्भ में है।
नवगठित नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा में मूलभूत सुविधाओं का अभाव लंबे समय से बना हुआ है। धनघटा और हैंसर बाजार में जल निकासी यहां की प्रमुख समस्या है। वहीं किसी भी सार्वजनिक स्थान पर सुलभ शौचालय, मूत्रालय न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूरे नगर में कहीं भी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। वार्डों में लगाए गए इंडिया मार्का हैंडपंप या तो खराब पड़े हुए हैं या दूषित जल उगल रहे हैं।
नगर पंचायत का गठन हुआ तो लोगों को उम्मीद जगी कि चुनाव के दौरान नेता इन समस्याओं का समाधान करने का वादा करेंगे और चुनाव समाप्त होने के बाद अपने वादे को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, लेकिन चुनाव न तो किसी सभा में और न ही संपर्क के दौरान, कोई भी प्रत्याशी जनसमस्याओं पर बात नहीं कर रहा है। बात केवल जातपात की हो रही है। लोग अपनी-अपनी जाति की दुहाई देकर वोट मांग रहे हैं।
रामकेश, भास्कर, सतीश पांडे, कैलाश, मदन आदि का कहना है कि कोई भी प्रत्याशी जन समस्याओं के समाधान के लिए अपनी प्राथमिकताओं को नहीं बता रहा है। इस कारण मतदाता भी खामोशियों के बीच अपने मताधिकार के प्रयोग पर विचार कर रहे हैं। आने वाले 13 मई को मतगणना में ही पता चल पाएगा कि जनता का नायक कौन है।