- 25 ग्राम पंचायतों बिना काम कराए साढे़ छह लाख के घपले का मामला
- हैंसर बाजार और पौली ब्लॉक में सोशल ऑडिट टीम ने 2021 में पकड़ा था
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। गांव के विकास के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार भारी भरकम रकम भेजकर आम जनता को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास करती चली आ रही है। लेकिन सरकारी धन का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। वर्ष 2021 में हैंसर बाजार और पौली ब्लॉक के 25 ग्राम पंचायतों बिना काम कराए छह लाख 50 हजार रुपये का घपले का उजागर हुआ था। जांच के दौरान सरकारी धन में अनियमितता बरते जाने की पुष्टि भी हुई, लेकिन जिम्मेदारों तक जांच की आंच नहीं पहुंच रही है।
संपूर्ण समाधान दिवस समेत अधिकारियों तक विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने जाने की शिकायत आम हो गई है। शिकायत की जांच भी होती है। जांच में घपला उजागर होने की पुष्टि भी होती है, लेकिन पुष्टि के बाद जिम्मेदारों के विरुद्ध करवाई क्या हुई इसकी जानकारी किसी को नहीं हो पाती।
विकास खंड हैंसर बाजार के बरपरवा, डुहिया खुर्द, कोचरी, गाई बसंतपुर, गोपीपुर समेत 25 ग्राम पंचायतों के 33 परियोजनाओं पर बिना काम कराए छह लाख 50 हजार रुपये का घपला सोशल ऑडिट टीम ने पकड़ा। बगैर काम के भुगतान ली गई रकम के रिकवरी की करवाई शुरू हुई। लेकिन वर्ष 2021 से आज तक रिकवरी नहीं हो सकी। इस तरह के कई मामले उजागर होने के बाद कार्रवाई की कॉपी ब्लॉक मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक फाइलों में दबी है।
ग्रामीण राधेश्याम, जयप्रकाश, प्रदीप कुमार, सोनमती, जागेश्वर, रामलाल आदि का कहना है की गांव में कराए जाने वाले विकास कार्यों में किए जा रहे फर्जीवाड़े की जानकारी अधिकारियों को रहती है। अधिकारी जब भ्रष्टाचार में खुद डूबे हुए हैं तो कार्रवाई की उम्मीद करना बेमानी है।
विकास कार्य में अनियमितता की शिकायत कहीं से भी जब मिलती है, तो जांच कर उसमें कार्रवाई की जाती है।
- बीके मणि त्रिपाठी, बीडीओ