संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के एक गांव स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर जांच में पंजीकृत नहीं मिला है। यह सूचना मिलते ही केंद्र संचालक सामान लेकर फरार हो गया। इसके बाद एसपी के निर्देश पर धनघटा पुलिस बुधवार की देर शाम केंद्र संचालक को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पुलिस ने पूछताछ की। दूसरी तरफ ग्रामीणों एवं पीड़ित महिला ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
गोरखपुर के थाना बेलघाट अंतर्गत ग्राम भिसिया खुर्द गांव निवासी रिंकू पुत्री कमलेश ने पुलिस व चिकित्सा अधीक्षक मलौली को शिकायती पत्र के माध्यम से 18 मई को अवगत कराया कि इलाके के एक गांव स्थित डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक द्वारा अल्ट्रासाउंड के दौरान उसके पेट में पल रहे तीन माह के बच्चे को मृत बताकर गर्भपात का दबाव बनाया गया।
रक्तस्राव की बात सोचकर महिला वहां से चली गई और गोरखपुर में एक प्राइवेट अस्पताल में दोबारा अल्ट्रासाउंड कराया तो उसका बच्चा जीवित मिला।
इस पर महिला ने डायग्नोस्टिक सेंटर पर पहुंच कर हंगामा किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर के अधीक्षक जितेंद्र चौधरी ने सूचना के आधार पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया, जिसकी जांच की गई तो केंद्र का पीसीपीएनडीटी कार्यालय द्वारा अधोहस्ताक्षरित नहीं मिला।
इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने 19 मई को डीएम व एसपी को जांच पत्र सौंप दी, जिसके आधार पर 20 मई को थानाध्यक्ष धनघटा दिलीप सिंह ने बुधवार देर शाम को संचालक को हिरासत में ले लिया और थाने ले आए, उससे पूछताछ की।
आसपास के लोगों ने बताया कि शिकायत के पूर्व ही केंद्र संचालक सामान लेकर फरार हो गया था। समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाई थी। इसको लेकर पीड़ित रिंकू और उसके परिजनों में आक्रोश है।
रिंकू ने बताया कि अगर पुलिस लीपापोती करती है तो मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे। इस संबंध में थानाध्यक्ष दिलीप सिंह ने बताया कि केंद्र संचालक को पूछताछ के लिए बुलाया गया, मामले की जांच की जा रही है। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।