संतकबीरनगर। 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित ऐसे अभ्यर्थी जो बीटीसी में बैक पेपर से पास हुए है, उनकी नियुक्ति अवैध मानी गई है। शासन के निर्देश पर ऐसे शिक्षकों की कुंडली खंगाली जा रही है। बीएसए ने इसके लिए दो सदस्यीय टीम का गठन भी किया जो ऐसे शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच करेगी। सूत्रों की मानें तो जिले में एक सूची वायरल हुई है, जिसमे चार शिक्षक बैक पेपर में पास हुए बताए जा रहे हैं। इनपर कभी भी गाज गिर सकती है।
बता दें कि 69 हजार शिक्षक भर्ती तीन चरणों में हुई थी। इसमें करीब 807 शिक्षक चयनित हुए थे। यह सभी शिक्षक जिले के विभिन्न विद्यालयों में कार्य कर रहे है। इधर, शासन ने जो अभ्यर्थी 22 दिसंबर 2018 तक बीटीसी परीक्षा में अनुत्तीर्ण थे और 22 दिसंबर 2018 के बाद बैक पेपर देकर उत्तीर्ण हुए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन ने निर्देश दिए थे। बैकपेपर से पास अभ्यर्थियों को अयोग्य माना गया था।
इन सभी को सेवा से मुक्त करने का आदेश मिला है। शासन का निर्देश मिलने के बाद जिले में ऐसे शिक्षकों में हड़कंप मचा है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय और खंड शिक्षा अधिकारी सेमरियावां की दो सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम ऐसे शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच करेगी और बैक पेपर के जरिए पास हुए अभ्यर्थियों पर कार्रवाई की संस्तुति करेगी। इस बीच एक सूची वायरल हुई, जिसमे बताया जा रहा है कि ऐसे चार शिक्षक है जो विभिन्न ब्लॉकों के स्कूलों में कार्यरत है। टीम अब उन पर निगाह लगाए हुए और उनके प्रमाणपत्रों को तलब करने की तैयारी में है। इसको लेकर शिक्षकों में हड़कंप मचा है। हालांकि, अन्य जनपदों में ऐसे शिक्षकों की सेवा समाप्त की जा चुकी है।