संतकबीरनगर। जिले में बीएसएनएल की मोबाइल व इंटरनेट सेवाएं बुधवार को भी दिनभर ध्वस्त रहीं। इसके चलते उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इंटरनेट फेल होने के कारण सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा।
पिछले कई दिनों से बीएसएनएल की सेवा खस्ताहाल है। बुधवार को तो दिनभर मोबाइल व इंटरनेट सेवा ध्वस्त रहीं। चूंकि अधिकतर सरकारी व गैर सरकारी दफ्तरों में बीएसएनएल की सेवा का ही उपभोग होता है, ऐसे में कामकाज पर इसका असर पड़ा।
सरकारी दफ्तरों में तो अधिकारी-कर्मचारी इंटरनेट फेल होने से हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। कुछ लोगों ने अन्य कंपनियों का इंटरनेट का प्रयोग कर किसी तरह से काम निपटाया। उपभोक्ता रमेश कुुमार ने कहा कि दूर संचार निगम को व्यवस्था इस समय पूरी तरह से चौपट हो गई है। जिसे ठीक करने की जरूरत है।
इस संबंध में एसडीओ एसके चौहान ने कहा कि कुछ तकनीकी दिक्क्तों के कारण समस्या आ रही है। जल्द ही व्यवस्था में सुधार कर लिया जाएगा, जबकि डीएम मार्कण्डेय शाही ने कहा कि बीएसएनएल की सेवा ध्वस्त होने से काम प्रभावित हो रहा है। आम लोग भी परेशान है, इस संबंध में बीएसएनएल के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
अघोषित विद्युत कटौती से परीक्षार्थी परेशान
मगहर। हाईस्कूल व इंटर बोर्ड की परीक्षा चल रही है। परीक्षा के दौरान विद्युत विभाग द्वारा अनियमित कटौती करने से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। परीक्षार्थियों ने विद्युत विभाग से परीक्षा के दौरान रात्रिकालीन बिजली की कटौती बंद करने की मांग की है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा छह फरवरी से चल रही है। इस दौरान परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों राज कुमार, शाहिमा, नुसरत, अकील अहमद, बैजनाथ यादव, रमेश चंद्र, फैय्याज अंसारी, रानी मौर्या, कुमारी शीला आदि ने बताया कि बिजली की अनियमित कटौती के कारण हमारी पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है।
इतना ही नहीं शाम को पढ़ने के लिए तैयार होते हैं, तब तक बिजली कट जाती है। यही हाल भोर में पांच बजे का भी है। विद्युत आपूर्ति भंग हो जाने से पढ़ा हुआ विषय दुहराने को नहीं मिल पाता है। जिसके कारण परीक्षा में अच्छे अंक मिल पाना संभव नहीं लग रहा है।
इन विद्यार्थियों का कहना है कि अभी भी समय है, अगर विद्युत विभाग द्वारा रात्रि के समय की कटौती को बंद कर दिया जाए तो परीक्षा में मदद मिल सकती है। लोगों ने परीक्षा के दौरान विद्युत कटौती बंद करने की मांग की है।