सेमरियावां। सरकार ने सिंचाई के लिए गांवों में नहरों का जाल तो बिछा दिया, लेकिन जरूरत के समय इनमें पानी नहीं रहता है। क्षेत्र में सरयू नहर की शाखा, उपशाखा, माइनर नहरों का जाल बिछा दिया गया है, लेकिन यह किसानों के लिए बेमतलब साबित हो रही है। किसानों का आरोप है कि इस भीषण गर्मी में नहर में पानी की जरूरत है, लेकिन पानी की जगह इसमें धूल उड़ रही है।
किसानों का कहना है कि जब पानी की जरूरत रहती है तब नहर में पानी नहीं रहता है। बिना जरूरत नहर में पानी छोड़ा जाता है। सेमरियावां क्षेत्र में देवरिया विजई, धरूई, मीरपुर, भैंसवरिया, करही, उसराशहीद, चोरहा, गुलरिहवां, बढय़ा माफी, छपिया माफी, तिनहरी माफी, चिउटना, रजापुर सरैया समेत कई गांवों से होकर सरयू नहर शाखा खलीलाबाद गुजरती है, वहीं करही रजबहा सरयू नहर उपशाखा करही से निकल करमाखान, कड़जा, दरियाबाद, कोहरियावां, मूड़ाडीहाबेग, दुधारा से आगे तक निकली है।
कई गांवों में नहर की खोदाई तो कराई गई, किंतु इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। विभाग द्वारा किसानों की कीमती जमीनों का मुआवजा देकर इसे अधिग्रहीत किया गया और नहर की खोदाई भी कर दी गई। किसानों का कहना है कि कभी कभार इसमें अचानक पानी आने से फसलें डूब जाती हैं। वर्तमान में आग लगने पर व पशु पक्षियों को पानी की जरूरत है, तो नहर में पानी नहीं हैै।
क्षेत्र के अकबर अली, हाजी शकील अहमद, जमील अहमद, रामकुमार, कमलेश कुमार यादव, मोहम्मद अकरम, इरशाद अहमद आदि ने बताया कि नहर में धूल उड़ रही है। पशु पक्षी बेहाल हैं। उन्होंने मांग की कि नहर में पानी छोड़ा जाए।
इस संंबंध में एसडीएम हृदयराम तिवारी का कहना है कि अभी जल्द ही चार्ज संभाला है, पता कराकर समस्या को दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।