सेमरियावां। गर्मी के मौसम में फलों का राजा आम हर किसी की पहली पसंद होता है, लेकिन इस बार आम की मिठास पर महंगाई की मार भारी पड़ रही है। बाजार में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, सफेदा और मलिहाबादी जैसी अलग-अलग आम की वैरायटी दिख रही है। इनके दाम काफी बढ़ गए हैं। बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है।
सेमरियावां क्षेत्र के करही, बाघनगर, दानोकुइयां, नव्वागांव,चिउटना, सालेहपुर, दुधारा, उसराशहीद, सेमरियावां आदि कस्बा बाजारों में इस समय दशहरी आम 60 से 70 रुपये प्रति किलो, लंगड़ा 80 से 100 रुपये प्रति किलो, चौसा 90 से 110 रुपये प्रति किलो और मलीहाबादी आम 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं देसी आम भी 30 से 40 रुपये किलो पहुंच गया है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आम के दाम में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। मारूफ अहमद, जुगानी, अली अहमद, लड्डन आदि फल विक्रेताओं का कहना है कि इस बार मौसम की मार और उत्पादन में कमी के कारण आम की आवक कम हुई है। तेज गर्मी, आंधी और समय से बारिश न होने का असर फलों पर पड़ा है।
इसके अलावा परिवहन खर्च बढ़ने से भी कीमतों में इजाफा हुआ है। बाजार में आम खरीदने पहुंचे लोगों का कहना है कि पहले जहां परिवार के लिए कई किलो आम आसानी से खरीद लेते थे, वहीं अब महंगे दाम के चलते सीमित मात्रा में ही खरीदारी करनी पड़ रही है। खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है। दूसरी अहम बात यह है कि इस बार अभी बारिश अच्छी तरह से नहीं हुई। यह कहा भी जाता है कि बारिश की बूंदें जितनी ज्यादा आम पर पड़ती हैं उतनी ही ज्यादा आम में मिठास आती है।
व्यापारियों के अनुसार आने वाले दिनों में यदि बाजार में आम की आवक बढ़ती है तो कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल अलग-अलग वैरायटी के आम की बढ़ी कीमतों ने लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।