संतकबीरनगर। जनवरी 2024 में जिले में हुए इंवेस्टर्स समिट में 4754.38 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए थे, लेकिन साल भर चली कवायद के बाद सिर्फ 1449.85 करोड़ की परियोजनाएं ही धरातल पर उतर पाएंगी। अन्य कई परियोजनाओं में कहीं जमीन तो कहीं फंड का रोड़ा अटका हुआ है। जिन परियोजनाओं पर काम होना है, उसके लिए जमीन के चिह्नांकन का काम पूरा कर लिया गया है। इनके फरवरी माह तक पूरा कर लेने की उम्मीद है।
उद्यमियों को औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए जनवरी 2024 में जोर शोर से इंवेस्टर्स समिट कराया गया। इस दौरान 102 इकाइयों के लिए 4754.38 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए थे। इसके जरिए 12598 रोजगार का सृजन होने की उम्मीद थी। पूरे साल औद्योगिक विकास की चली कवायद के बाद 1449.85 करोड़ की परियोजनाएं धरातल पर उतरने की तैयारी में हैं। इसमें टेक्सलाइल्स, पशु आहार, खाद्य प्रसंस्करण, मशीनरी उद्योग आदि शामिल हैं। यह परियोजनाएं फरवरी 2025 तक पूरी होने की उम्मीद है। वहीं अन्य परियोजनाओं के लिए जमीन और फंड का रोड़ा बना हुआ है।
78 औद्योगिक इकाइयां हो चुकी हैं बंद
औद्योगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए शासन के निर्देश पर प्रशासन ने सर्वे कराया था। इस सर्वे में यह बात सामने आई कि औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद में कुल आवंटियों की संख्या 282 है। इसमें से 107 इकाइयां ही वर्तमान में कार्यरत है, जबकि 78 औद्योगिक इकाइयां बंद हो चुकी है। 37 लोगों ने आवंटित भूखंड में आवास बना लिया है। इसके साथ ही मूल प्रोजेक्ट से अलग प्रोजेक्ट पर कार्य करने वाली इकाईयों की संख्या 14 है, जबकि 12 आवंटी गोदाम और किराए के रूप में प्रयोग कर रहे हैं।
100 करोड़ की पांच परियोजनाओं को धन का इंतजार
औद्योगिक क्षेत्र में करीब 100 करोड़ की पांच परियोजनाएं धरातल पर उतारने की प्रशासन ने तैयारी की है। इसके लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रस्ताव आए थे। इसके तहत जो कंपनियां यहां उद्योग लगाएंगी, उन्होंने जमीन का क्रय भी कर लिया है। अब इन्हें ऋण का इंतजार है। इनमें नमन वैश्य तिरूपतिबालाजी इंडस्ट्रीज औद्योगिक क्षेत्र खलीलाबाद, शिवराज वर्मा, अमरदीप चौहान मेसर्स, अमर बेवरेज बखिरा आदि शामिल है। इन्हें बैंकों से ऋण का इंतजार है। इन्हें जल्द बैंकों में ऋण उपलब्ध हो जाए, इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। पिछले दिनों डीएम ने उपायुक्त उद्योग को निर्देशित किया कि एमओयू के अंतर्गत जो धरातल पर उतरने वाली परियोजनाएं हैं, उनकी वित्तीय, भूमि एवं बिजली आदि समस्या का निस्तारण जल्द से जल्द करा दिए जाएं।
औद्योगिक क्षेत्र में होजरी उद्योग का विस्तार करने के लिए बैंक से ऋण की आवश्यकता है। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। ऋण उपलब्ध हो जाए तो होजरी उद्योग से तमाम लोगों को रोजगार मिल सकता है।
संजय पति त्रिपाठी, उद्यमी
उद्योगों को बढ़ावा देने की शासन की नीति के तहत सीमेंट ईंट लगाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए बैंक से लोन लेना है। लोन की प्रक्रिया चल रही है, जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी और धन उपलब्ध होगा तो कार्य शुरू हो जाएगा।
पवन कुमार सिंह, उद्यमी
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औद्योगिक क्षेत्र में काला नमक चावल का प्रोसेसिंग का कार्य करते हैं, इसे और विस्तार देने के लिए बजट की जरूरत है। इसके लिए बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ऋण उपलब्ध हो जाए तो विस्तार में कार्य में तेजी आ सकती है।
कृपाशंकर, उद्यमी
इंवेस्टर्स समिट कराने के लिए काफी प्रयास किया गया। प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास अनिल कुमार सागर से लोक भवन लखनऊ में मिलकर परामर्श कर समस्याओं के समाधान पर वार्ता की गई। उम्मीद है कि जो भी दिक्कतें है वह जल्द दूर हो जाएगी।
अरविंद पाठक, अध्यक्ष इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
कोट
परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। जो लोग निवेश कर रहे हैं, उन्हें ऋण के साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही परियोजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम