संतकबीरनगर। इंद्र धनुष योजना में जिला फिसड्डी साबित हुआ। सोमवार को मुख्य सचिव राजीव कुमार ने वीडियों कांफ्रेसिंग की तो दस खराब जिलो में संतकबीरनगर का नाम शामिल पाया गया। उसके बाद गंभीर हुए डीएम ने 53 जिला स्तरीय अधिकारियों की डियूटी लगाई है।
इंद्र धनुष योजना में शून्य से पांच साल तक के बच्चों का नियमित टीकाकरण कराना है। जो बच्चे टीकारण में छूट गए है उन्हें चिहिन्त कर टीकाकरण करना है। इसके लिए एक- एक बूथ पर अक्टूबर,नवबंर,दिसंबर और जनवरी में प्रत्येक माह सात-सात अभियान चला कर छूटे बच्चे का टीकाकरण कराया जाना है। डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि दस खराब जिले में अपना जिला भी शामिल है। सीडीओ को निर्देश दिया गया है कि एक - एक बूथ की मानीटरिंग करें और नियमित सीडीओ और सीएमओ उन्हें फीडबैक दें। आगे बताया कि इस कार्य के लिए 53 अधिकारियों को लगाया गया है जो सात , नौ, दस और 13, 14,16 और 17 नवबंर को बूथों पर जाएंगे। नियमिति वहां टीकारण की स्थिति का जायजा लेंगे और इस कार्य में लगे लोगो को निर्देशित करेंगे कि कोई बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहने पाएं। उसी क्रम में मंगलवार को जिला युवा कल्याण अधिकारी विनय चतुर्वेदी ने मेंहदावल क्षेत्र के गगनईबाबू,परसा पांडेय और बहबोलिया में निरीक्षण किया। उन्होने बताया कि बहबोलिया का केंद्र बंद मिला,जबकि दो जगह टीकाकरण हो रहा था। आगे बताया कि बहबोलिया केंद्र बंद होने की वजह पूछने पर बताया गया कि यहां सोमवार को टीकाकरण हुआ था,इस लिए बंद है।
शोभित कुमार पांडेय