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Sant Kabir Nagar News: जातीय समीकरण में भी भाजपा पर भारी पड़ा इंडिया गठबंधन

Thu, 06 Jun 2024 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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संतकबीरनगर। लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने भाजपा के मतों में सेंधमारी कर दी। जिले की तीन विधान सभाओं में भाजपा के वाेटों को सहेजने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा। ब्राह्मण और पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं को लुभाने में इंडिया गठबंधन सफल रहा। इससे भाजपा को काफी नुकसान हुआ।
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संतकबीरनगर लोक सभा क्षेत्र में वैसे तो पांच विधान सभा क्षेत्र है। इसमें खलीलाबाद, धनघटा और मेंहदावल संतकबीरनगर जिले में है, जबकि खजनी गोरखपुर और आलापुर विधान सभा क्षेत्र आंबेडकरनगर में है।
इंडिया गठबंधन ने इस बार सपा से पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं भाजपा ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद के पुत्र निवर्तमान सांसद प्रवीण निषाद को उम्मीदवार बनाया था। पिछले वर्ष 2019 के चुनाव में प्रवीण निषाद ने खलीलाबाद, धनघटा, मेंहदावल और खजनी विधान सभा में जीत दर्ज की थी। मेंहदावल विधान सभा जहां पर निषाद, मुस्लिम, ब्राह्मण और अनुसूचित जाति के मतदाता अधिक है। यह पहले भाजपा का वोट बैंक माना जाता था। लेकिन इस चुनाव में गठबंधन ने इन मतों को अपने पाले में कर लिया। इसी तरह से खलीलाबाद विधान सभा क्षेत्र में मुस्लिम, दलित, ब्राह्मण और यादवों की संख्या अधिक है।
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यह सीट पिछले दो विधान सभा चुनाव से भाजपा के पास थी। लेकिन इस बार मतदाताओं ने इंडिया गठबंधन को अपना समर्थन दे दिया। यहां भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। धनघटा क्षेत्र भी भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां पर बेलदार, यादव, अनुसूचित जाति की बहुलता है। लेकिन इस बार सपा प्रत्याशी ने भाजपा के मतों को अपने पक्ष में कर लिया।
जानकारों का कहना है कि निवर्तमान सांसद प्रवीण निषाद की क्षेत्र में सक्रियता नहीं रही। जनता उनसे काफी नाराज थी। टिकट मिलने के बाद से ही प्रवीण निषाद का विरोध शुरू हो गया था। भाजपा के गढ़ में ब्राह्मण, दलित, बेलदार का वोट बैंक खिसकने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग इसे इंडिया गठबंधन की दूर दर्शी सोच का परिणाम बता रहे है वहीं भाजपा की चुनाव में बिना सोचे समझे प्रत्याशी देने को लेकर हार का कारण बता रहे है।
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