संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में टीएलएम प्रदर्शनी लगाने वाले बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इन बच्चों को टीएलएम अर्थात टीचर लर्निंग मटेरियल बनाने के लिए इन बच्चों को प्रति बच्चे के हिसाब से आर्थिक सहायता दी जाएगी। इससे बच्चों का उत्साह बढ़ेगा और वह कुछ नया करने के लिए उत्साहित होंगे।
जिले के 1247 परिषदीय विद्यालयों में 1.03 लाख छात्र पंजीकृत हैं। विद्यालयों के कक्षा एक से पांच तक के छात्रों को टीएलएम राशि दी जाती है। परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को विभिन्न प्रोजेक्ट वर्क, कैलेंडर आदि के लिए शासन की ओर से राशि दी जाती है। विद्यालयों को दी जाने वाली टीचर लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) की राशि पांच रुपये प्रति छात्र बढ़ा दी गई है। इससे पहले प्रति छात्र विद्यालयों को 20 रुपये दिया जाता था। अब इस बढ़ाकर 25 रुपये कर दिया गया है। इससे छात्रों के लिए प्रोजेक्ट वर्क, कैलेंडर आदि के लिए सामग्री खरीदी जाएगी।
महानिदेशक स्कूली शिक्षा कंचन वर्मा ने कहा कि इन रुपयों से सामान्य प्रयोग में आने वाली स्टेशनरी, कूड़ेदान, झाडू, सजावट आदि सामान नहीं खरीदे जाएंगे। उन्होंने कहा है कि कक्षा एक व दो में साप्ताहिक आंकलन के लिए फोटोकॉपी या चार्ट पेपर तैयार करने में टीएलएम राशि का प्रयोग किया जा सकता है। सपोर्टिव सुपरविजन के दौरान एसआरजी-एआरपी, डायट मेंटर स्वनिर्मित शिक्षण अधिगम सामग्री के बेहतर प्रयोग, आदर्श कक्षा-शिक्षण का संचालन, शिक्षकों को कम लागत और स्थानीय परिवेश में उपलब्ध सामग्री के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि टीएलएम की राशि में पांच रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
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टीएलएम पर एक नजर
परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को विभिन्न प्रोजेक्ट वर्क, कैलेंडर आदि के लिए शासन की ओर से राशि दी जाती है। विद्यालयों को दी जाने वाली टीचर लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) कहते है।