अधूरी नहरें व बदहाल नलकूप बनीं मुसीबत
कई जगहों पर सरयू नहर अधूूरी, नहीं आ रहा पानी
सिंचाई के लिए बने नलकूपों की नालियां हो गई हैं ध्वस्त
संतकबीरनगर। सूखे और बाढ़ की मार झेलने के बाद किसानों को रबी फसल से उम्मीद है, लेकिन सिंचाई व्यवस्था किसानों की मुसीबत बढ़ा रही है। गेहूं की फसल को सिंचाई की जरूरत है, लेकिन सरयू नहर कई स्थानों पर अधूरी है। कई नलकूप भी बदहाल हैं। इससे सिंचाई में बाधा खड़ी हो रही है।
पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलरामपुर में सरयू नहर परियोजना का लोकार्पण किया था। इससे किसानों को उम्मीद थी कि अब सिंचाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा, लेकिन सरौली और बनियाबारी के पास बनी सरयू नहर अधूूरी पड़ी है। बीच में नहर की सफाई कराई गई, लेकिन इनमें पानी नहीं आ रहा है।
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने प्रवास के दौरान बनियाबारी नहर का निरीक्षण किया था और पानी छोड़ने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद नहर सूखी है। आसपास के किसानों को निजी नलकूूपों के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है।
शहर से सटे नेदुला के पास स्थापित नलकूप खराब है। किसान डीजल खरीद कर खेत की सिंचाई कर रहे हैं। ऐसी ही स्थिति धनघटा व मेंहदावल के कई स्थानों की है। बनियाबारी, सरौली, चकदही, नेदुला आदि क्षेत्रों में नालियों ध्वस्त होने से सिंचाई कर पाना मुश्किल हो रहा है।
किसान धर्मेंद्र निषाद, रविंद कुमार, रामफल आदि ने बताया कि नाली की मरम्मत न होने से पानी खेतों तक नहीं पहुंचता है। यदि नालियों की मरम्मत नहीं कराई गई तो रबी की मुख्य फसल गेहूं बर्बाद हो जाएगी। इस संबंध में सरयू नहर के अधिशाषी अभियंता विजय कुमार ने बताया कि अधिकतर स्थानों पर नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। जहां नहरें अधूरी है, उन्हें पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।