एडीएम कोर्ट ने बुधवार को जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले 23 लोगों के खिलाफ गुंडा अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें छह माह के लिए जिला बदर घोषित किया। जिला बदर घोषित लोगों में हियुवा के जिलाध्यक्ष टुनटुन राय उर्फ सत्यनारायन राय भी शामिल हैं। जिला बदर घोषित हुए लोगों की निगरानी कराने के लिए एसपी को रिपोर्ट भेजी गई।
एडीएम एसएन शुक्ला ने बताया कि पुलिस की तरफ से जिला बदर घोषित किए गए लोगों में कोतवाली क्षेत्र के मगहर कसबे के चूड़ीफरोश मोहल्ले के रहने वाले खुर्शीद, फरहान, रेहान, शाहिद, राशिद अली, धवरिया निवासी संजय भट्ट, नौहट निवासी रामचेत, मेंहदावल थाना क्षेत्र के कौवाठोर निवासी रामभजन, रुईहट्टा निवासी रमेश केवट, धनघटा क्षेत्र के सेमरी निवासी नंदलाल, निहैैला निवासी वकील हरिजन, महुली क्षेत्र के भगता पूर्वी निवासी दयानाथ चौधरी, कालीजगदीशपुर निवासी सुनील चौधरी, डोमाडीह निवासी राम विजय यादव, बखिरा क्षेत्र के दुर्गजोत गांव निवासी पिंटू उर्फ नजरे आलम ,छपिया अव्वल निवासी कपिल देव पाठक, सिंहोरवा निवासी शब्बीर,मेडरापार निवासी सोहन साहनी, बेलहर कला निवासी टुनटुन राय उर्फ सत्यनारायन राय, दुधारा क्षेत्र के पचराभीरी निवासी फूलबदन, साफियाबाद निवासी अबरार, सालेहपुर निवासी सैयद राजदानी, बेला निवासी अब्दुल मोतलीफ शामिल है।
आगे बताया कि मामले की सुनवाई के बाद गुणदोष के आधार पर गुंडा अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें छह माह के लिए जिला बदर घोषित किया गया है। जनपद की सीमा के बाहर जिस थाना क्षेत्र में यह लोग रात्रि निवास करेंगे, वहां के थानाध्यक्ष को सूचित करेंगे। इनकी निगरानी के लिए एसपी को रिपोर्ट भेज दी गई है। यदि जनपद की सीमा में निवास करते पाएं जाएंगे तो इनकी गिरफ्तारी करके पुलिस जेल भेजने की कार्रवाई करेगी।