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Sant Kabir Nagar News: माह-ए-रमजान में अल्लाह की इबादत में मशगूल हैं रोजेदार

Tue, 24 Feb 2026 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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सेमरियावां। मुकद्दस माह-ए-रमजान में रोजेदार अल्लाह की इबादत में मशगूल हैं। सोमवार को पांच रोजा रखकर अल्ल्लाह की इबादत में जुटे रहे, पांचवां रोजा 12 घंटे 53 मिनट का रहा। रोजेदार फिर रात में सहरी खाकर मंगलवार को छठवां रोजा रखकर अल्लाह की इबादत में मशगूल रहे।
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रमजान के मद्देनजर गांव के चौराहे, कस्बा व बाजारों में जगह-जगह पर बाजार गुलजार रहे। सोमवार को लोगों ने रोजा इफ्तार के लिए बाजार में खूब खरीदारी की। क्षेत्र के सेमरियावां, करही, उसराशहीद, दानोकुइयां, बाघनगर, दुधारा, चिउटना, सालेहपुर आदि चौराहे व बाजारों में रौनक छाई रही। रमजान के लिए सजी दुकानों से सहरी और इफ्तार के सामान खरीदे गए। मुस्लिम समुदाय के लोग मुकद्दस रमजान में रोजेदार अल्लाह को राजी करने के लिए तकवे और परहेजगारी के साथ अल्लाह व रसूल मोहम्मद साहब के मुताबिक सख्ती से अमल करते हैं। मौलाना सलमान कबीरनगरी ने बताया कि मुकद्दस रमजान में ही कुरान-ए-पाक को अल्लाह ने दुनिया में भेजा। रमजान का रोजा रखकर हम इबादत, नेक अमल से अल्लाह को राजी कर अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। अल्लाह ने रमजान को तीन भागों मे बांटा है। पहला रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नम से निजात। उन्होंने बताया कि रमजान में अल्लाह गुनाह के सभी दरवाजे बंद कर जन्नत के दरवाजे खोल देता है। रमजान में रोजेदार को एक नेकी के बदले खुदा सत्तर नेकी उसके नाम ए आमाल में दर्ज करता है। यह अल्लाह की रहमत और बरकत का महीना है जिसमें बंदा हर बुरी चीजों को छोड़कर अच्छाई पर अमल करना शुरू कर देता है। कहा कि रमजान में नमाज की पाबंदी के साथ रोजा और तरावीह का एहतराम कर कुरान की खूब तिलावत कर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी और मुल्क में अमन शांति और खुशहाली के लिए अल्लाह के बारगाह में दुआ मांगे। करही, उंचहराकला, सेमरियावां, दरियाबाद, देवरिया नासिर, कोहरियावां, बाघनगर, तिनहरी माफी, सालेहपुर, सेहुड़ा, दानोकुइयां, रक्शाकला, दुधारा, बजहरा, देवरिया लाल आदि गांवों के मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रात में रमजान की विशेष नमाज ए तरावीह का सिलसिला जारी है, जो पूरे माह चलेगा।



रमजान में बढ़ जाती है खजूर की मांग
दिनभर रोजा रखने के बाद रोजेदार कमजोरी व थकान को दूर करने के लिए खजूर का इस्तेमाल करते है। रोजेदार रुह-ए-अफजा को पानी की कमी और ठंडक के साथ ही शरबत में प्रयोग करते है। सेमरियावां में खजूर का कारोबार कर रहे जियाउद्दीन चौधरी ने बताया खाड़ी देश ईरान, इराक, सऊदी अरब, कुवैत से आने वाले खजूर के दामों में बढ़ोतरी होने से बाजार में भी खजूर के बढ़े है।
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