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‘कागज’ में हैंडपंप हो गया रिबोर

Thu, 15 Sep 2016 11:31 PM IST
Sant Kabir Nagar
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जलनिगम में खराब हैंड पंपों को रिबोर कराने के नाम पर सरकारी धन का गोलमाल हो रहा है। हैंडपंपों के रिबोर कराए जाने की सूची का सत्यापन कराने में मामला उजागर हुआ है। अभी सिर्फ दो ब्लॉकों में रिबोर कराने की जो सूची जलनिगम विभाग की ओर से  नोडल अफसर /डीडीओ को सौंपी गई थी। उसी का सत्यापन कराने पर पता चला कि 11 हैंडपंप रिबोर ही नहीं कराए गए है। डीडीओ ने एक्सईएन जल निगम को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
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 डीडीओ रमेशचंद्रा ने बताया कि जल निगम विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2015-16 में जिले में 258 हैंड पंपों के रिबोर कराए जाने की सूची सौंपी गई है। जबकि 450 हैंड पंप के रिबोर कराए जाने का लक्ष्य तय था। खलीलाबाद ब्लॉक क्षेत्र में 43 हैंड पंप के रिबोर कराए जाने की सूची का सत्यापन पेयजल कार्यक्रम की ब्लॉक समन्वयक सुनीता मिश्रा से कराया गया। सत्यापन में पता चला कि आठ हैंडपंपों का रिबोर हीं नही कराया गया था। जबकि जलनिगम विभाग से मिली सूची में उन हैंडपंपों को रिबोर कराना दर्शाया गया है।

 नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र में 28 हैंडपंपों के रिबोर कराए जाने का सूची में जिक्र है। ब्लॉक समन्वयक वीरेंद्र कुमार से सत्यापन कराया तो पता चला कि सिर्फ 25 हैंडपंप का ही रिबोर हुए हैं। तीन हैंडपंपों के रिबोर कराए जाने की गलत सूचना सूची में अंकित कर दी गई। प्रत्येक हैंडपंप के रिबोर पर करीब 36 हजार रुपये खर्च होते है। ऐसे में दोनों ब्लॉकों में 11 हैंड पंप रिबोर नहीं कराए गए और उन्हें रिबोर कराने की गलत सूचना दी गई।
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11 हैंड पंपों के रिबोर कराने पर करीब चार लाख रुपये का भुगतान करा लिया गया है। जल निगम के एक्सईएन डी के गुप्ता को नोटिस जारी करके जबाब मांगा गया है। इसकी प्रति मुख्य अभियंता जल निगम गोरखपुर को भेजी गई है। संतोषजनक जबाब प्राप्त नहीं होने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुत के साथ उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।  
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