ओपीडी के एक कक्ष में मरीज का एक्सरे देखता बाहरी युवक।
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल की ओपीडी समेत हर कक्ष में मरीज माफिया सक्रिय हैं। यह चिकित्सक के पास बैठकर मरीजों के पर्ची पर दवा लिखने के साथ ही एक्सरे भी देखते हैं। हालांकि इसकी निगरानी सीसीटीवी के जरिए होती थी, पर यह नाम मात्र की है। यही नहीं कुछ महिलाएं भी अस्पताल में सक्रिय हैं जो महिला मरीज को देखते हुए उन्हें बातों में उलझा कर बाहर से जांच और दवा दिलवाती हैं। इसमें चिकित्सक के साथ ही उनका कमीशन तय रहता है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1400 से 1500 के करीब मरीज देखे जाते हैं। मरीज पर्चा बनवाकर ओपीडी में बैठे चिकित्सक के कक्ष में दिखाने जाते हैं। जिसके बाद चिकित्सक दवा लिखते हैं। हर कक्ष में तीन से चार युवक बाहरी बैठे रहते हैं। यह मरीज से पर्ची लेते हैं और दवा कब-कब खिलानी है, यह बताते हैं। इसके बाद मरीज से बाहर से दवा खरीदने के लिए कहते हैं और सस्ते दर पर दवा दिलाने का लालच भी देते हैं। इसमें चिकित्सक से लगाय सभी का कमीशन तय रहता है। अगर कोई मरीज इनके चंगुल में आ जाता है तो उसे निर्धारित दवा की दुकान पर ले जाकर दवा दिला देते हैं।
मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जब इसकी पड़ताल की तो चिकित्सक के कक्ष में बाहरी युवक अप्रेन पहनकर बैठा था और मरीज का एक्सरे चेक कर रहा था। इसके साथ ही एक कमरे में बाहरी युवक दवा लिख रहे थे। दवा पर्ची काउंटर के पास दो महिलाएं एक महिला मरीज से बाहर से दवा और कम पैसे में जांच की बात कह रही थी। हालांकि कैमरा देखते ही वह वहां से गायब हो गईं। यह हाल रोजाना का है।