संतकबीरनगर। 18 वर्ष की उम्र के ऊपर के निरक्षर शिक्षित किए जाएंगे। विशेष एप पर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों से डोर-टू-डोर सर्वे कराने के बाद इन निरक्षरों को सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद प्रति 11-11 निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए एक-एक सामाजिक कार्यकर्ता का चयन होगा।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत निरक्षरोें को साक्षर बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। कोई भी व्यक्ति निरक्षर न रहे इसके लिए संचालित नव भारत साक्षर योजना को जिले में प्रभावी बनाया जाएगा। योजना प्रभावी ढंग से लागू की जाए इसके लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है। पहले चरण में 18 से 60 वर्ष आयु के निरक्षर व्यक्तियाओं को चिह्नित किया जाएगा। इन्हें चिह्नित करने के लिए परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि निरक्षरों को साक्षर बनाने की योजना है। इसके लिए अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।