धनघटा। धनघटा तहसील क्षेत्र के गायघाट दक्षिणी इलाके में अवैध बालू खनन से पांच हजार की आबादी वाले गांव गायघाट पर संकट खड़ा हो गया है। विभाग की ओर से बालू खनन के लिए स्वीकृत की गई जमीन को छोड़कर ठेकेदार गायघाट दक्षिणी सिवान में अवैध रूप से खनन से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व खनन विभाग को शिकायती पत्र भेजकर अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है।
शिकायती पत्र में कंचनपुर व गायघाट दक्षिणी के ग्रामीण भूतपूर्व सैनिक राकेश कुमार यादव, पवन, रामजतन, जोगिंदर, विश्वनाथ, बिंद्रावती, सोमारी, चंद्रावती, सरिता, जगदीश, रामचंद्र, राजाराम, कौशल्या, जमुरता आदि ने बताया कि खनन विभाग ने धमचिया गांव में बालू खनन का पट्टा दिया है। लेकिन, फैजाबाद के ठेकेदार ने सरयू के मांझा में रास्ता बनवाने के नाम पर गायघाट दक्षिणी के सिवान में अवैध तरीके से बालू खनन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि बड़े पैमाने पर बालू खनन किया जा रहा है। डंपर, ट्रक व ट्रैक्टर ट्राली से बालू की ढुलाई की जा रही है।
ग्रामीणों ने धमचिया गांव (औराडाड़) में बालू खनन का ठेका होने के बाद गायघाट दक्षिणी से बालू खनन पर सवाल उठाया है। कहा कि बालू खनन के स्वीकृत स्थल धमचिया से ढाई किलोमीटर दूर राजस्व गांव गायघाट में बालू खनन नियम विरुद्ध है। ग्रामीणों ने कहा है कि प्रति वर्ष सरयू की कटान से गायघाट दक्षिणी गांव पर संकट बना रहता है। सिवान में जगह जगह बालू खनन होने से नदी की धारा गांव की तरफ मुड़ने का खतरा है। तीन वर्ष में लगभग दो सौ घर सरयू में विलीन हो चुके हैं। अगर समय रहते अवैध बालू खनन रोका नहीं गया तो बाढ़ के सीजन में गायघाट गांव का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। पत्र में ऐसे संवेदनशील स्थल पर शीघ्र बालू का खनन रोकने की मांग की गई है।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी डॉ सुनील कुमार ने बताया कि यदि बालू का खनन पट्टा स्थल से हटकर करवाया जा रहा है तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।