संतकबीरनगर। सोमवार की रात मगहर दुर्गा मंदिर के पास एक बाइक पर सवार दो युवकों की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। 10 दिन पहले चकदही गांव के सामने सड़क हादसे में बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई थी। करीब 15 दिन पहले खलीलाबाद सब्जी मंडी के सामने ट्रक की चपेट में आने पति-पत्नी की मौत हो गई। आए दिन सड़कों पर हो रही हृदय विदारक इन घटनाओं की एक प्रमुख वजह बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी भी है।
बावजूद इसके वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करने को लेकर संजीदा नहीं हैं। इस वक्त प्रशासन सड़क सुरक्षा सप्ताह मना रहा है। लोगों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। फिर भी बाइक चालकों पर इसका असर नहीं दिख रहा। ‘अमर उजाला’ ने बुधवार की दोपहर में कुछ देर तक शहर के मुख्य चौराहों पर आवागमन का हाल देखा। शहर के सबसे व्यस्त मेंहदावल बाईपास चौराहे पर ही यातायात पुलिस का दफ्तर है। यहां तीन-चार पुलिसकर्मी यातायात नियंत्रित करने के लिए ड्यूटी निभाते हैं। इनके सामने ही दो पहिया वाहन चालक बिना हेलमेट पहने फर्राटे भर रहे थे। करीब 20 मिनट में 100 से अधिक गाड़ियां गुजरी होंगी, लेकिन हेलमेट वाले बमुश्किल सात-आठ बाइक चालक ही दिखे। जिन बाइकों के चालक हेलमेट पहने थे, उनके पीछे बैठे यात्रियों ने हेलमेट नहीं पहना था। जबकि सुरक्षा के लिहाज से बाइक पर बैठे दोनों यात्रियों का हेलमेट पहने होना जरूरी है।मधुकुंज चौराहे पर भी यही स्थिति थी। कोतवाली के बगल वाले इस चौराहे पर भीड़ अधिक रहती है। तीन तरफ से वाहन आते-जाते हैं, लेकिन बाइक चालक बिना हेलमेट पहने ही भीड़ के बीच आड़े-तिरछे निकलते रहे। मुखलिसपुर तिराहा, बैंक चौराहा और मोती चौराहे के पास भी बाइक चालक बिना हेलमेट के नजर आए।