संतकबीरनगर। जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए अलग से अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएंगी। कक्षा नौ से 12वीं तक के बच्चों का मूल्यांकन कर उन्हें उपचारात्मक शिक्षा दी जाएगी।
जनपद में तीन राजकीय इंटर कॉलेज और 17 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 15 सौ छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। समग्र शिक्षा के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के छात्र छात्राओं को अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान एवं जीव विज्ञान में पारंगत किया जाएगा। इन कक्षाओं के कमजोर छात्र छात्राओं को अलग से कक्षाएं चलाकर उनकी समस्याओं को दूर किया जाएगा।
विद्यालयों में अध्ययनरत सभी विषयों के छात्र छात्राओं का मूल्यांकन करके प्रत्येक विषय के कमजोर छात्र-छात्राओं को चिह्नित किया जाएगा।उपचारात्मक कक्षाओं के लिए मॉक टेस्ट के जरिए विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। यह टेस्ट 9 और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए होगा।
टेस्ट में सभी विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्न पत्र समग्र शिक्षा विभाग की तरफ से जारी किया जाएगा। यह टेस्ट 100 अंक का होगा। 25 से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को उपचारात्मक कक्षा में शामिल किया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक के नेतृत्व में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की टीम स्कूलों का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि कमजोर छात्रों के लिए अलग से कक्षाएं संचालित होगी। जिससे की वह छात्र पढ़ाई में बेहतर हो सके।