मगहर। सदगुरु कबीर का 506 वां महापरिनिर्वाण दिवस के दूसरे दिन मंगलवार को कार्यक्रम की शुरुआत बीजक पाठ से हुई। इसके बाद प्रवचन का आयोजन किया गया। इसमें महंत विचार दास के अलावा अन्य संतो ने अपने-अपने विचार रखे। उसके बाद डाॅ. हरिशरण शास्त्री के नेतृत्व में संतो की टोली ने कबीर भजन व निर्गुण भजन गाकर भक्तों को सतमार्ग पर चलने की सीख दी। इस दौरान भलोटिया परिवार की ओर से इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सभी कबीर प्रेमियों ने प्रसाद ग्रहण किया।
महंत विचार दास ने कहा कि कबीर ने कहा है कि परम चेतना को जगाने मात्र से परमात्मा का अंश हम सभी के सांसो में विराजमान है। मनुष्य यदि मौन रख भक्ति साधन में लीन होकर साधना करता है। अवश्य परम पिता परमेश्वर से जुड़ सकता है। आगे कहा कि जब हम मन से एकाग्र होकर जागेंगे तभी परमात्मा तक पहुंचने का रास्ता मिलेगा और जीवन से दुख की समस्या निकल जाएगी।
कबीर ने बताया है कि सदगुरू मिले तो ज्ञान की चेतना मिली। कबीर के विचारों को जीवन में अंगीकृत करने मात्र से भविष्य को संवारा जा सकता है। इस अवसर पर कमला माता राजस्थान, राजेश दास दिल्ली, राम लाल, जम्मू से तिलक राज, सुभाष प्रधान, इंदौर से अनुराधा आदि मौजूद रहीं।