संतकबीरनगर। 15 जून से मानसून आने की संभावना है। ऐसे में शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए नाले की सफाई बेहद जरूरी है। शहर में छोटे- बड़े कुल 34 नाले हैं, जबकि सफाई के लिए सिर्फ एक मशीन है। इसकी वजह से व्यवस्था लचर है। अभी तक नाले की सफाई नहीं हो सकी है। ऐसे में समय रहते नहीं चेते तो बरसात के मौसम में एक बार फिर शहर जलभराव से जूझेगा।
पिछले सालों की बात करें तो शहर में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती रही है। गोलाबाजार, अंसार टोला, सरयू नहर काॅलोनी, मुखलिसपुर तिराहा, विधियानी, मड़या ऐसे स्थान हैं जहां पर जलभराव के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए पालिका प्रशासन ने मेंहदावल बाईपास से कलक्ट्रेट तक नाला का निर्माण कराया है, जबकि बड़गो तक नाला बनना है।
इसी तरह शहर के बनियाबारी से खुदवा तक नाला का निर्माण हो रहा है, लेकिन इस नाले को भी पूर्ण करने में अभी काफी समय लग सकता है। प्रमुख नालों को आपस में जोड़ने का काम भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में अब जबकि मानूसन आने में कुछ ही दिन शेष रह गए हैं तो लोगों को जलभराव की चिंता सता रही है। यही नहीं इस समय पालिका प्रशासन नालों की साफ-सफाई में जुटा हुआ है, लेकिन एक मात्र मशीन होने के कारण समय से नालों की सफाई हो पाएगी, इसमें संशय बना हुआ है।
नालों पर चबूतरा बना लेने से बढ़ी परेशानी
शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने अपनी सुविधा के लिए नालों पर चबूतरा बना लिया है। साथ ही यहां पर दुकानें लग रही हैं। इसके कारण सफाई कर्मियों को नालों की सफाई में दिक्कत आ रही है। शहर के मुखलिसपुर रोड स्थित नाला जाम पड़ा हुआ है तो पुरानी सब्जी मंडी में भी नाला जाम है। शहर के निवासी महेश प्रसाद, शिवशंकर आदि ने कहा कि यदि मानसून आने से पूर्व नालों की सफाई नहीं हुई तो परेशानी बढ़ जाएगी।
शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अधूरे नालों को पूर्ण कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं। नालों की सफाई का काम भी चल रहा है। जहां पर बाधा खड़ी हो रही है, उसे दूर कराया जाएगा।
जगत जायसवाल- अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खलीलाबाद