- बिना चिकित्सक के न ले दवा, फिजियोथेरेपी पर भी दे रहे जोर
- जिला अस्पताल के ओपीडी में हड्डी रोग के 100 मरीज पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मौसम में बदलाव व पछुआ हवा चलने के चलते अगर हड्डी में दर्द हो रहा है तो सतर्क हो जाएं। चिकित्सक को दिखाएं और उनकी सलाह पर दवा लें। साथ ही फिजियोथेरेपी भी कराएं। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो यह बीमारी गंभीर हो सकती है और इसे ठीक होने में महीनों लग सकते है।
जिला अस्पताल के ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास इस समय कमर और पैर में दर्द की समस्या को लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन 100 के करीब मरीज इन बीमारियों के आ रहे हैं। मरीजों की माने तो कमर में जब दर्द हो रहा है तो वह असहनीय है। साथ ही वही दर्द पैरों तक हो रहा है। बैठने-उठने में समस्या हो रही है। चिकित्सक एक्स-रे के साथ ही दवा भी लिख रहे हैं। फिजियोथेरेपी कराने की सलाह चिकित्सक दे रहे हैं।
मरीज कांती देवी ने बताया कि दो दिन से कमर में दर्द है। उठने-बैठने में समस्या है। डॉक्टर को दिखाया है तो आराम के साथ ही फिजियोथेरेपी की सलाह दे रहे हैं। यही हाल संजय प्रजापति का रहा। उनके कमर से लेकर पैर में तीन दिन से दर्द है। जिसकी वजह से वह खड़े नहीं हो पा रहे हैं। चिकित्सक ने एक्स-रे करवाया।
मांसपेशियां कमजोर होने से होता है हड्डी रोग
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शिव ओंभू ने बताया कि कमर दर्द का एक बड़ा कारण मांसपेशियों में खिंचाव होता है। अचानक बैठते, उठते, कोई काम करते या फिर सीढ़ियां चढ़ने-उतरने के दौरान भी मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है। यह समस्या लंबे समय तक के लिए कमर दर्द दे सकती है। अक्सर 40 साल की उम्र के आसपास या उसके बाद मांसपेशियां कमजोर होने की समस्या होती है। इसके अलावा रीढ़ में किसी गंभीर चोट का शिकार हुए लोगों को भी ऐसी समस्या होती है। कमर की मांसपेशियां कमजोर होने पर अक्सर कमर में दर्द रहता है। बिना चिकित्सक के कोई दवा न लें।
ऐसे करें बचाव और उपाय
सीढ़ियां चढ़ते-उतरते ध्यान रखना चाहिए। अगर आप काफी देर से बैठे हुए हों तो अचानक से नहीं उठना चाहिए। मांसपेशियों में खिचाव महसूस हो तो कोई भी ऐसा काम करने से बचना चाहिए, जिससे कमर पर जोर पड़ता हो या झटका लगता हो। अगर यह समस्या लगातार हो रही हो तो आपको विशेषज्ञ चिकित्सक या फिर फिजियोथेरेपिस्ट से मिलना चाहिए। कमर दर्द की समस्या आम बात है। कई बार काम में व्यस्तता के कारण हमारा ध्यान इस ओर नहीं जाता तो कई बार हम इसे नजरअंदाज भी कर देते हैं।