संतकबीरनगर। जिन माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों का ऑनलाइन उपस्थिति ठीक नही होगा तो वह विद्यालय परीक्षा केंद्र से वंचित कर दिए जाएंगे। स्कूलों में पठन पाठन को सुधारने के लिए छात्र छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति सही करने के लिए माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी लगाने की पहल शुरू की गई है। एक माह गुजर गया लेकिन कुछ ही विद्यालयों में इसका पालन हो रहा है। इस पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सख्ती शुरू कर दी है।
जिले में दो राजकीय, 34 वित्तपोषित और 100 वित्तविहीन माध्यमिक एवं इंटर कॉलेज संचालित हैं। इनमें करीब 80 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। स्कूलों में पठन-पाठन बेहतर करने, छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति सही करने के लिए एक जुलाई से माध्यमिक विद्यालयों में भी ऑनलाइन हाजिरी लगाने की पहल शुरू की गई है। धीरे-धीरे एक महीने से अधिक समय गुजर चुका है। लेकिन, वित्तविहीन विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी मात्र गिने-चुने स्कूलों में ही लग रही है।
इसको प्रभावी बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सख्ती शुरू की है। परिषद की ओर से सभी डीआईओएस को पत्र जारी किया गया है। डीआईओएस हरीशचंद नाथ ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब 75 फीसदी से कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। यह कदम छात्रों की पढ़ाई में अनुशासन लाने व ड्रॉप आउट रेट को कम करने के लिए उठाया गया है। इसके साथ ही कम उपस्थिति पर विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। जिसका हर हाल में पालन कराया जाएगा