- सचिव स्तर से मिल चुकी है सैद्धांतिक मंजूरी
- राज्यपाल की तरफ से मंजूरी मिलने का इंतजार
- बखिरा पक्षी बिहार, झील, औद्योगिक क्षेत्र के विकास में आएगी तेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कबीरा-बखिरा विशेष प्राधिकरण की मंजूरी के लिए लोकसभा चुनाव से पहले जिला प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। इसकी सचिव स्तर से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है, लेकिन अभी तक राज्यपाल की मंजूरी मिलने का इंतजार हो रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि मंजूरी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद व्यवस्थित विकास कराया जाएगा। साथ ही रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
जिले के औद्योगिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व को देखते हुए डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कबीरा-बखिरा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का प्रस्ताव को शासन को भेजा था। लोकसभा चुनाव से पूर्व भेजे गए इस प्रस्ताव के संबंध में आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग के सचिव ने इसकी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान करते हुए शासन को फाइल भेज दी है, ताकि जरूरी औपचारिकता पूर्ण करते हुए इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जा सके।
प्राधिकरण में नगर पालिका परिषद खलीलाबाद, नगर पंचायत मेंहदावल, नगर पंचायत मगहर व नगर पंचायत बाघनगर उर्फ बखिरा को संपूर्ण रूप से शामिल किया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में तहसील मेंहदावल, खलीलाबाद और गोरखपुर की तहसील सहजनवां के 228 ग्रामों को भी शामिल किया गया है। इसकी मंजूरी के लिए प्रशासन स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं।
कबीरा-बखिरा विशेष विकास प्राधिकरण की मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि क्षेत्र का विकास तेज से होगा। इसका लाभ आने वाले दिनों में लोगों को मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। बखिरा पक्षी बिहार, बखिरा झील, औद्योगिक क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी। शहर का भी व्यवस्थित ढंग से विकास होगा।
मंजूरी के बाद प्रशासन सरकारी जमीनों को चिह्नित कर सकेगा
अभी नगर पालिका और नगर पंचायतों में लोग जहां चाह रहे हैं वहीं पर मकान, दुकान आदि का निर्माण करा रहे हैं। इससे विकास को गति नहीं मिल पा रही है। केबीसाडा की मंजूरी मिलने के बाद प्रशासन सरकारी जमीनों को चिह्नित करेगा। वहां पर काॅलोनियां, औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य कार्य होंगे। इससे जहां आसपास व्यवसाय विकसित होगा, वहीं बेरोजगारों को रोजगार मिल सकेगा।
केबीसाडा का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लोकसभा चुनाव के बाद इसकी मंजूरी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद व्यवस्थित विकास कराया जाएगा।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम