संतकबीरनगर। परिवहन विभाग अब डीलरों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। बिना पंजीकरण वाहन चलते मिले या वाहन का रजिस्ट्रेशन पेपर देने में बिलंब करने के साथ ही उपभोक्ता से जुड़े कार्य को पूरा नहीं करेगा तो उसके खिलाफ जांच करके उसका लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।
जनपद में वाहन डीलरों की मनमानी पर रोक लगाने और वाहन स्वामियों को सहूलियत देने का संभागीय परिवहन विभाग ने कार्य शुरूकर दिया गया है। वाहन खरीदने वाले लोगों को वाहन लेने के बाद उस पर नंबर लगवाने और कागजात पाने के लिए काफी भागदौड़ करना पड़ता है। एजेंसी पर जाने के बाद कुछ डीलर उन्हें एआरटीओ कार्यालय भेज देते थे।
वहां जाने के बाद उनको एजेंसी से कागजात मिलने की जानकारी दिया जाता था। इसके वजह से वाहन स्वामी को काफी परेशानी होती थी और कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था। परिवहन विभाग ने ऐसे डीलर पर शिकंजा कसने का काम शुरू कर दिया है। समय से वाहन के कागजात संबंधित वाहन स्वामी को न देने पर और बिना कागजात वाहन चलते मिले तो उसे बेचने वाले एजेंसी का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। जिससे निलंबन अवधि में डीलर वाहन नहीं बेच पाएंगे।
आठ से दस दिन का लगता है समय
परिवहन विभाग की मानें तो गाड़ी के नंबर प्लेट व कागजात तैयार होने में लगभग आठ से दस दिन का समय लगता है। डीलरों की लापरवाही के चलते वाहन स्वामी को समय से नंबर प्लेट व कागजात नहीं मिल पाता है। ऐसे में वह कार्यालय का चक्कर काटने के लिए विवश हो जाते है। संभागीय परिवहन विभाग के कड़े रूख के बाद अब डीलर की मनमानी नहीं चल सकेगी और उन्हें समय से वाहन स्वामी को वाहन पर नंबर प्लेट एवं कागजात उपलब्ध कराना होगा।
कोट
कुछ डीलर की शिकायत मिल रही थी कि वह समय से वाहन के नंबर प्लेट एवं कागजात नही उपलब्ध करा रहे थे। जिनकी अब शिकायत मिलती है, संबंधित का जांच किया जाएगा। यदि समय से नंबर प्लेट व कागजात नहीं दिया जाता है तो उनका लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।
-प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ