दहेज हत्या के दोषी पति को दस वर्ष की सजा
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय काशिफ शेख ने दहेज हत्या के दोषी पति को दस वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 10,000 रुपये अर्थदंड से दंडित भी किया। अर्थदंड अदा करने पर ती माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि धर्मसिंहवा क्षेत्र के सिकरी निवासी रामउजागिर ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें कहा कि उसने अपनी बहन संगीता की शादी नाऊडांड़ निवासी सिंटू पुत्र सुग्रीम से की थी। वर्ष 2010 में बहन विदा होकर ससुराल गई थी। विदाई के दो माह बाद से ही पति सिंटू उर्फ सुधीर, मां और उसकी बहन उसे दहेज को लेकर प्रताड़ित करने लगीं। दहेज में 1,00000 रुपये व मोटरसाइकिल मंगाने का दबाव बनाने लगीं और कहा कि दहेज नहीं ले आओगी तो तुम्हारी हत्या कर देंगे। उसकी बहन बार-बार अपनी गरीबी का कारण बताकर मांग पूरी न होने की दुहाई देती रही, लेकिन दहेज लोभी नहीं माने। सिंटू उर्फ सुधीर व उसकी माता ने आपस में सांठगांठ करके योजनाबद्ध तरीके से 09 जनवरी 2014 को रात में करीब दस बजे उसकी बहन संगीता की हत्या कर दी। मामले में कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचक ने विवेचना करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल आठ गवाहों का साक्ष्य प्रस्तुत कराया गया तथा 12 कागजात प्रमाणित कराए गए। अभियोजन के साक्षियों ने अपने बयान में घटना को पुष्ट किया। जिसके आधार पर कोर्ट ने दोषी सिंटू उर्फ सुधीर को दस वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की अदायगी न किए जाने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।