बालू 52 रुपये प्रति घन फिट से बढ़कर अब 62 पहुंच गया
सीमेंट, सरिया और ईंट के दाम में भी इजाफा
लोहरैया। घर बनाने का सपना देख रहे लोगों को अब बड़ा झटका लग गया है। पेट्रोल-डीजल और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से निर्माण सामग्री के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। लोग घर बनाने का सपना मजबूरी में टालते दिख रहे हैं। हालत ये हैं कि जो व्यक्ति कुछ महीने पहले मकान की नींव डालने की सोच रहा था, वह अब खर्च सुनकर परेशान हो जा रहा है।
निर्माण कार्य में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला बालू अब 52 रुपये प्रति घन फिट से बढ़कर 62 रुपये प्रति घन फिट पहुंच गया है। वहीं, धनकोट गिट्टी जो पहले 82-83 रुपये प्रति फुट मिल जाती थी। अब 92-93 रुपये घन फुट तक बिक रही है। इसके अलावा सीमेंट, सरिया, ईंट और मजदूरी की दरों में भी लगातार बढ़ोतरी जारी है।
व्यापारियों का कहना है कि डीजल-पेट्रोल की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हो चुकी है। जिसका सीधा असर ढुलाई खर्च पर पड़ा है। ट्रक और ट्रैक्टर मालिकों ने भाड़ा बढ़ा दिया है। ऐसे में व्यापारी भी अपनी लागत और लाभ जोड़कर सामग्री महंगे दामों पर बेचने को मजबूर हैं।
सबसे ज्यादा असर छत लगाने के खर्च पर पड़ा है। पहले जहां छत का निर्माण लगभग 250 रुपये प्रति घन फुट में हो जाता था। वहीं अब यही खर्च बढ़कर 350 रुपये प्रति घन फुट तक पहुंच गया है। यानी मकान निर्माण की कुल लागत में करीब 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
मकान का निर्माण करा रहे भीम, ताड़क, चंद्रिका सहित कई लोगों ने अधूरे मकान का काम रोक दिया है। कोई सरिया महंगा होने से परेशान है तो कोई बालू और गिट्टी के बढ़े दामों से। मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए पक्का मकान बनवाना अब किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में मकान बनाना केवल अमीरों तक सीमित होकर रह जाएगा। आम आदमी के लिए ‘अपना आशियाना’ सिर्फ सपना बनकर रह जाएगा।