मनियरा स्थित एक रिजार्ट में रखा एक्सपायरी डेट का सास, जांच करते अधिकारी- स्रोत खाद्य विभाग
संतकबीरनगर। जिले के होटलों व रेस्टोरेंट में एक्सपायर्ड सामान का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। इनके संचालकों को लोगों की सेहत की जरा सा भी फिक्र नहीं है। बताया कि जाता है कि एक्सपायर्ड सामान इन्हें 40 से 50 फीसदी कम रेट पर उपलब्ध हो जाते हैं और यह उनका इस्तेमाल का मोटा मुनाफा कमा लेते हैं। इनके लगातार सेवन से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
शहर में करीब 20 रेस्टोरेंट व 15 होटल है। इसके साथ ही 50 से अधिक ठेला आदि की दुकानें लगती है। इन जगहों पर लोग व्यंजनों का स्वाद लेते हैं। लेकिन उन्हें यह नहीं मालूम होता है कि जो चीज वह खा रहे है वह पूरी तरह से शुद्ध है कि नहीं है। वह यह नहीं देखते हैं कि जिसमे यह सामग्री बन रही है उसका तेल कौन सा है। खाद्य सामग्री का क्या हाल है।
फरवरी माह में खाद्य विभाग ने 35 क्विंटल रिफाइंड बरामद किया था। जो जांच में अधोमानक मिला था। यह रिफाइंड काफी सस्ता होता है जिसे रेस्टोरेंट और सड़कों पर ठेला लगाने वाले खरीदते है। अभी तीन जून को गोला बाजार स्थित क्रूस कीचन सुधारा इंटरप्राइजेज पर खाद्य टीम ने छापा मारा तो वहां पर सड़ा हुआ मशरूम, एक्सपायर्ड दूध, एक्सपायर्ड विनेगर, एक्सपायर्ड स्पाइस मांगो व ग्रीन एप्पल सीरप बरामद हुआ था। जिसे टीम ने नष्ट करा दिया था। इसके साथ ही सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। रेस्टोरेंट संचालक को चेतावनी भी दी थी।
दो जुलाई को बंजरिया स्थित एक आइस्क्रीम फैक्टरी से आइस कैंडी व बटर स्कॉच का नमूना लिया था। जिसमे रंग की मिलावट मिली थी। इसी तरह से एक अगस्त को मनियरा स्थित एक रिजार्ट पर छापा मारा, यहां पर जहां पर पनीर और डोसा का नमूना लिया था। इसमें कुछ कमियां मिली थीं। इसके साथ ही 11 बोतल एक्सपायर्ड सोया सास बरामद हुआ था। जो कीचन में रखा हुआ था, जिसे टीम ने नष्ट करा दिया।
बताया जाता है कि एक्सपायर्ड सामान का बाजार में 40 से 50 फीसदी कम रेट पर उपलब्ध होता है जिसे होटल व रेस्टोरेंट वाले धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं। लोग अपनी सेहत का ख्याल नहीं करते और इन चीजों में मजे लेकर खाते हैं।