संतकबीरनगर। शहर के जूनियर हाईस्कूल परिसर में करीब डेढ़ करोड़ रुपये से कस्तूरबा गांधी विद्यालय की बालिकाओं के लिए हाॅस्टल का निर्माण कराया गया। इसके बनकर तैयार हुए करीब आठ माह बीत गए हैं, लेकिन इसमें अब तक बालिकाओं को शिफ्ट नहीं किया गया है।
दूसरी तरफ हाॅस्टल की खिड़कियां आदि टूटने लगी हैं। इसके साथ ही परिसर में ओपन जिम का सामान भी टूट चुका है। इससे भवन की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बालिकाओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद में हास्टल का निर्माण कराया गया है। इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
हाॅस्टल का निर्माण पूर्ण हो चुका है, लेकिन अभी तक इसे हैंडओवर नहीं किया गया है, जिसके कारण बालिकाओं को अभी भी हाॅस्टल की सुविधा नहीं मिल सकी है। इससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरी तरफ हास्टल भवन के सामने बने ओपन जिम का सामान भी टूट रहा है।
इसकी सुरक्षा के लिए भी कोई इंतजाम नहीं हैं। यही नहीं भवन के हैंडओवर से पहले ही खिड़कियां टूट रही हैं, जिससे भवन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।