- एआरएम बस्ती व स्थानीय बस अड्डा प्रभारी ने चिह्नांकन कराया
- मीरगंज में प्रशासन ने चार एकड़ जमीन परिवहन निगम को उपलब्ध कराई है
- जल्द भूमि पूजन की तैयारी में प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में रोडवेज बस अड्डा बनाने की दिशा में पहल तेज हो गई है। मीरगंज में चिह्नित की गई जमीन की शुक्रवार को एआरएम बस्ती व स्थानीय बस अड्ड़ा प्रभारी ने पैमाइश कराया। साथ ही चारों तरफ चिह्न लगा दिए गए हैं। अब प्रशासन भूमि पूजन कराने की तैयारी में जुट गया है। इससे करीब 27 सालों से बस डिपो का इंतजार करने वाले जनपदवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जग गई है।
वर्ष 1997 में जिले का सृजन हुआ, तब से बस डिपो की मांग की जा रही है। इस दौरान कई जगह पर जमीन चिह्नित की गई। इसमें सरैया बाईपास के साथ ही मेंहदावल बाईपास के निकट सिंचाई ड्रेनेज खंड दो के कार्यालय परिसर शामिल रहे। हर बार किसी न किसी कारण से मामला अटक गया। इसके बाद डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने खलीलाबाद-बस्ती मार्ग पर मीरगंज के पास करीब चार एकड़ जमीन परिवहन निगम को उपलब्ध कराया है। साथ ही यह जमीन खतौनी में परिवहन निगम के नाम पर दर्ज हो गई है।
शुक्रवार को एआरएम बस्ती आयुष भटनागर व स्थानीय बस अड्ड़ा प्रभारी टीएन दूबे की अगुवाई में राजस्व विभाग की टीम ने मीरगंज पहुंचकर जमीन की पैमाइश और चिह्नांकन शुरू किया। साथ ही चूना गिराकर क्षेत्र निर्धारित कर दिया गया। अब यहां प्रशासन भूमि पूजन कराने की तैयारी में है। इससे यह उम्मीद जग गई कि जल्द ही जिले के लोगों को बस अड्डा मिल जाएगा।
मेंहदावल बाईपास पर खड़े होकर करना पड़ता है बसों का इंतजार
जिले के सृजन के बाद से ही लोगों को गोरखपुर व बस्ती की तरफ आने-जाने के लिए मेंहदावल बाईपास पर बने अस्थाई बस स्टाॅप पर खुले आसमान के तले बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। यहां पर न तो यात्रियों के बैठने का इंतजाम है और न ही पीने की पानी की व्यवस्था। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्री दिनेश कुमार, रघुपति आदि ने कहा कि मेंहदावल बाईपास पर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। सुविधाओं का घोर अभाव है। मीरगंज में बस अड्डा बनने से काफी राहत मिलेगी।
परिवहन निगम को बस अड्डा के लिए जमीन की व्यवस्था कर दी गई है। इसकी पैमाइश भी करा दी गई है। ताकि जल्द से जल्द इसका निर्माण शुरू कराया जा सके। बस अड्डा बनने से यात्रियों को राहत मिलेगी।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम