संतकबीरनगर। जिले के 18 पीएम श्री विद्यालय अब औषधीय पौधों की सुगंध बिखेरेंगे। विद्यार्थियों को प्रकृति व हरियाली से जोड़ने के लिए स्कूलों में स्वच्छ एवं हरित कैंपस हर्बल पार्क विकसित करने का फैसला लिया गया है।
औषधीय पौधों के साथ अन्य पाैधे लगाए जाएंगे। इससे न केवल पर्यावरण में सुधार होगा, बल्कि बच्चों में पौधरोपण के प्रति भी लगाव बढ़ेगा। इसके लिए हर विद्यालय को 30 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
बेसिक शिक्षा निदेशालय ने सभी बीएसए को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन को लेकर औषधीय पौधे की महत्ता के पति विद्यार्थियों को अवगत कराया जाएगा।
इन स्वच्छ एवं हरित कैंपस में औषधीय महत्व वाली वनस्पतियां विकसित करके विद्यार्थियों को उनकी पहचान कराई जाएगी। ऐसे विद्यालय, जिसमें वृक्ष प्रजातियों सहित औषधीय पौधों की 10 से 15 प्रजातियों के लिए 200-300 वर्ग मीटर जगह है तो वे आवेदन कर सकते हैं।
शिक्षक और विद्यार्थी हर्बल कैंपस का रखरखाव करेंगे। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि सभी बीईओ को पीएम श्री विद्यालयों में हर्बल एवं औषधीय उद्यान विकसित किए जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
मिलेगी वित्तीय सहायता : कैंपस के रखरखाव लागत के तौर पर प्रति विद्यालय 30 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसमें भूमि तैयारी, गड्ढे की खुदाई एवं खाद के लिए 6,000, पौध सामग्री के लिए 8,000, शेड संरचना निर्माण के लिए 6.000, सिंचाई व्यवस्थापक के लिए 4,000, नामपट्टिका बोर्ड के लिए 3,000, रख-रखाव, कटाई उपकरण व स्टोरेज सुविधा के लिए 3,000 रुपये दिए जाएंगे।