हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को संजीवनी का इंतजार
ई-संजीवनी के जरिए लोगों की सेहत सुधारने वाले कर्मी झेल रहे परेशानी
संतकबीरनगर। जिले में स्थापित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खुद बीमार हैं। जबकि यहां पर तैनात कम्युनिटी हेल्थ अधिकारियों को ई-संजीवनी के जरिए लोगों की सेहत का ख्याल रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इन सेंटरों पर न तो पानी का इंतजाम है और न बिजली की व्यवस्था। फर्श धंस गए हैं। शौचालय उपयोग लायक नहीं हैं।
वर्तमान में जिले में 116 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर क्रियाशील हैं। इनके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। शासन ने निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तैनात कम्युनिटी हेल्थ अधिकारी ई-संजीवनी पोर्टल के जरिए प्रतिदिन लोगों को चिकित्सकों से ऑनलाइन संपर्क साधकर उन्हें परामर्श दिलाएं और उनके उपचार की व्यवस्था करें।
सेंटरों पर सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक उपस्थित रहकर प्रतिमाह 400 ओपीडी करें। ऐसे में ठंड में समस्या खड़ी हो गई है। कारण यह है कि जिले के 49 स्वास्थ्य उपकेंद्रों व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर बिजली व पानी का इंतजाम अब तक नहीं किया गया है। इसमें मेंहदावल के बढ़याठाठर, बाराखाल, बेलौली, मेंहदावल, परसा पांडेय, खलीलाबाद ब्लॉक के अशरफावाद, बड़गो, डड़वा, गड़सरपार, गिरधरपुर, कर्री, मगहर, नाथनगर के सिकरी, छितही, कालीजगदीशपुर, पौली के चकिया, परसहर, उमरिया पांडेय, भगवतनगर, गोइठा, सेमरियावां के भाटपार, छगुलिया बगुलिया, कानपारा, करही, महदेवा, तिलजा, बघौली ब्लॉक के बकहा, धनखिरिया, बेलहर ब्लॉक के लंगडावार, सिया कटाई, हैंसर बाजार ब्लॉक के तामा आदि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शामिल हैं।
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कोट
जिन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर बिजली की व्यवस्था नहीं है, उसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से विद्युत निगम को पत्र भेजा गया है। कमियां जल्द दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-राजेश कुमार, जेई, स्वास्थ्य विभाग