ऐसे में सभी प्रधानों से अपील है कि वह अपने गांवों में बैठक करे और लोगों को यह बताए कि चोर -चोर का शोर बंद करें। चोरी की घटनाएं न हो, इसके लिए सतर्कता जरूरी है,लेकिन अफवाह पैदा करके माहौल बिगाड़ने का कृत्य अपराध है।
प्रभारी कोतवाल दिनेश यादव ने कहा कि चोर आने की अफवाह गांवों में काफी फैल चुका है।
जबकि यह सच्चाई से बिल्कुल विरीत है। लोग अपनी दुश्मनी भी इसी बहाने साधने की फिराक में है। गलत संदेश देने का जिक्र करते हुए बताया कि पडोखर गांव में डकैत आने की सूचना किसी ने सीओ को दी तो तत्काल वहां फोर्स पहुंच गई। जांच के बाद पता चला कि सूचना पूरी तरह निराधार है।
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी ऐसी अफवाह फैली है। जिसे रोकने के लिए प्रधान और गणमान्य नागरिकों को आगे आना होगा। अफवाह की वजह से उग्र भीड़ ने सिपाही के साथ तीन निर्दोष लोगों की पिटाई कर दी।
गांवों में उडंड प्रवृत्ति के युवाओं को चिन्हित करके उनके अभिभावकों को सचेत करने में प्रधानगण मदद करें। यदि उनमें सुधार नहीं होता तो उसकी सूचना पुलिस को भी दें,ताकि ऐसे लोगों को ठीक किया जा सकें।
यदि चोर -चोर कह कर किसी के साथ कोई अप्रिय घटना हुई तो लोग मुकदमें से बच नहीं पाएंगे। ऐसे में जार्गकता लाकर इस भ्रांति को जल्द रोकना होगा।
एसएसआई रुदल यादव, चौकी इंचार्ज औद्योगिकि नगर जे एन तिवारी,गोला बाजार चौकी इंचार्ज राजकुमार यादव ने भी अपने- अपने विचार को व्यक्त किया और लोगों से सुझाव मांगा।
प्रधानों ने एक स्वर से कहा कि गांवों का माहौल ठीक नहीं है। अब रिश्तेदार भी आने से कतराने लगे है। चोर के नाम उग्र युवा किसकी कब कहां पिटाई कर दे, यह समस्या उत्पन्न हो गई है।
ऐसे में पुलिस प्रशासन गांव- गांव एनाउंसमेंट कराएं और इस भ्रांति को मिटाने में प्रयास करेंगे। वह सभी पुलिस को पूरा सहयोग देने को तत्पर है। चौकी स्तर पर भी बैठक करके लोगों को जागरूक करने की जरूरत जताई।