संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत लाखों संविदा कर्मचारियों ने राज्य सरकार से अपनी लंबित मांगों को तत्काल पूरा करने और महीनों से रुके हुए मानदेय का भुगतान तुरंत करने की अपील प्रदेश सरकार से की है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीनदयाल वर्मा और हरिओम सिंह ने कहा कि हम कर्मचारी, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी जान दांव पर लगाकर दिन-रात सेवा की, आज अपने ही घर में भुखमरी की कगार पर खड़े हैं। बच्चों की स्कूल फीस रुक गई है, दवाइयों का इंतजाम नहीं हो पा रहा है, और सिर पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है।
उन्होंने कहाकि संविदा और आउटसोर्स प्रणाली को समाप्त कर, विभाग में कार्यरत समस्त योग्य कर्मचारियों के लिए तत्काल विनियमिती करण की स्पष्ट नीति बनाई जाए। समान कार्य, समान वेतन व समान पद और समान कार्य के लिए नियमित कर्मचारियों के बराबर मानदेय और अन्य भत्ते तुरंत लागू किए जाएं। उन्होंने कहाकि तत्काल मानदेय जारी करे और हमारी वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करने के लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करे। नहीं तो अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने के लिए विवश होंगे।