संतकबीरनगर में मौसम बदलाव और नमी के कारण फंगल संक्रमण, अस्थमा और आंखों की एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। जिला अस्पताल में ओपीडी में रोगियों की भीड़ देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने सतर्कता और बचाव की सलाह दी है।
संतकबीरनगर। हवा में नमी और तापमान में बदलाव से वायरल तो कोई फंगल संक्रमण से परेशान हैं। कोई खुजली से बेहाल है तो कोई कान के दर्द से। किसी की आंख में एलर्जी हो गई है तो कोई वायरल अथवा मच्छरजनित बुखार से तप रहा है। हवा में परागकण व धूल के कण होने से अस्थमा रोगियों की सांस फूलने लगी है। इन दिनों जिला अस्पताल की ओपीडी में रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एसबी गौतम ने बताया कि इन दिनों ओपीडी में फंगल संक्रमण के रोगियों की संख्या 200 का आंकड़ा पार कर चुकी है। 70 फीसदी रोगियों की त्वचा पर लाल चक्कते हो रहे हैं, जिसमें खुजली से लोग परेशान हैं। स्टेरायड क्रीम के उपयोग से कई रोगियों में संक्रमण अंदर ही अंदर फैल चुका है। इससे बचाव के लिए सूती कपड़े पहनें और पसीना पोंछते रहें। यदि खुजाया है तो साबुन से हाथ जरूर धोएं। इन लोगों के कपड़े अलग से धोएं अन्यथा परिवार के अन्य सदस्यों को भी संक्रमण हो सकता है।
-
अस्थमा रोगियों की फूल रहीं सांसें
हवा में नमी व परागकण की वजह से अस्थमा रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है। श्वास नली में सूजन होने की वजह से खांसते-खांसते सांस फूल रही है। मेडिकल कॉलेज में अस्थमा की वजह से कई रोगियों को चिंताजनक हालत में भर्ती किया जा रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाशंकर ने बताया कि ओपीडी में करीब 25 फीसदी अस्थमा रोगी सांस फूलने की समस्या लेकर आ रहे हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
-
एलर्जी व कंजक्टिवाइटिस के रोगी बढ़े
आंखों में एलर्जी व वायरल कंजक्टिवाइटिस के रोगियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने बताया कि एलर्जी अथवा वायरल कंजक्टिवाइटिस में रोगी की आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों में चुभन व पानी आने लगता है। यदि समय पर उपचार नहीं किया जाता है तो क्रेटा कंजक्टिवाइटिस होने का खतरा होता है। इससे कॉर्निया में दिक्कत हो जाती है और आंखों में चुभन काफी बढ़ जाती है। यदि किसी को समस्या है तो डॉक्टर को दिखाएं। केमिस्ट से खरीदी दवा में स्टेरायड हो सकता है, इससे दिक्कत और बढ़ जाती है।