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Sant Kabir Nagar News: लीड<bha>--</bha>गर्मी में मांस-मछली और शराब यानी लिवर खराब

Thu, 15 Jun 2023 10:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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डॉ राकेश कुमार सिंह प्रवक्ता जीव विज्ञान।
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संतकबीरनगर। गर्मी की वजह से अब तक डायरिया और हीट स्ट्रोक के ही मामले आ रहे थे, लेकिन अब गर्मी का असर लोगों के लिवर, गुर्दे और आंतों पर भी पड़ने लगा है। इसकी बड़ी वजह बिगड़ा खानपान है। शराब के साथ चटपटा चखने से भी लिवर हीट स्ट्रोक के मामले बढ़े हैं।
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फिजीशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि गर्मी अब आंतों पर हमला कर रही है। डायरिया के अलावा मरीजों के लिवर काफी कमजोर कर रहे हैं। एक दो मामलों में मरीजों को पीजीआई रेफर करना पड़ रहा है। ये शराब का सेवन अधिक कर रहे थे। इसके कारण इन्हें लिवर हीट स्ट्रोक की दिक्कतें हुईं। लिवर हीट स्ट्रोक से पहले इन मरीजों को डायरिया की दिक्कत हुई, लेकिन इन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। इस बीच जब गर्मी बढ़ी तो भी शराब का सेवन बंद नहीं किया। गर्मी में गैस्ट्रोइंटाइटिस के बाद पानी की कमी होने से टाॅक्सिस तत्वों का लोड बढ़ा, जो उनके लिवर खराब होने का सबसे बड़ा कारण रहा।
वहीं गर्मी के कारण आंतों में एंजाइटी की समस्या आ रही है। इसकी वजह से लोगों को उल्टी, दस्त और पेट फूलने की समस्या हो रही है। बताया कि यह दिक्कतें जब तक गर्मी है, तब तक रहेंगी। बरसात के बाद यह समस्या खत्म हो जाएंगी। यही वजह है कि मरीजों को सलाह दी जा रही है कि गर्मी में शराब, मांस-मछली का सेवन न करें।
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किडनी पर भी गर्मी का पड़ रहा असर
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि गर्मी की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जा रही है। इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। पानी कम होने की वजह से शरीर में फॉस्फेट, यूरेट, यूरिक एसिड और अमीनों एसिड के छोटे- छोटे कण किडनी में जमा होने लगते हैं। इसकी वजह से पेशाब में जलन होना शुरू हो जाता है। इसकी वजह से किडनी में भी दिक्क्तें आनी शुरू हो रही हैं। ऐसे मामले एक माह के अंदर बढे़ हैं। करीब हर 10 में से तीन लोग पेशाब में अधिक जलन की समस्या से पीड़ित आ रहे हैं।
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जिन महीनों ''र'' नहीं उनमें मांस मछली नहीं
नाॅनवेज में मुर्गा, मछली और मांस तीन प्रमुख व्यंजन हैं। पुरानी कहावत है कि जिस महीने के आखिर में ''र'' शब्द आता है, उस महीने में ही मांस- मछली खानी चाहिए। इसकी बड़ी वजह यह है कि मछली की तासीर गर्म होती है। मार्च से अगस्त तक मछली के प्रजनन का समय होता है। सितंबर से दिसंबर तक ही मछली खाने का अच्छा समय होता है। इसी प्रकार बकरे का मीट मार्च से मई तक ही खाना चाहिए। क्योंकि मटन की तासीर ठंडी होती है। देशी मुर्गा है तो वह किसी मौसम में खाएं, नुकसान नहीं करेगा। इस समय फाॅर्म वाले इंजेक्शन देकर मुर्गा बढ़ा देते हैं। यही कारण है कि लिवर और गुर्दे को यह नुकसान पहुंचा रहा है। वैसे भी नाॅनवेज में मसाला ज्यादा नुकसान कर रहा है। मसाले में अगर हल्दी, जीरा, धनिया का इस्तेमाल करें तो यह शरीर के लिए फायदेमंद है, लेकिन बाजार में जो मसाले आ रहे हैं वे नकली हैं। होटल, ढाबे और रेस्टाेरेंट में मिलावटी मसाले ज्यादा इस्तेमाल हो रहे हैं। इसके चलते भी कैंसर जैसी घातक बीमारी के लोग शिकार हो रहे हैं।
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-डॉ. राकेश कुमार सिंह, प्रवक्ता जीव विज्ञान, एचआरपीजी कॉलेज, खलीलाबाद
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गर्मी में यह काम जरूर करें
- खूब पानी पिएं।
-ताजा और सुपाच्य भोजन करें।
-सादा खाना खाएं, बच्चों को अगर दस्त हो रहा है तो ओआरएस का घोल दें।
- बाहर निकलें तो पूरी बांह का कपड़ा पहनें।
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